
Jabalpur mp wheat
पिछले साल, मार्च में इसी तरह के विनाशकारी गर्म मौसम में जब तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था तब दुनिया के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक देश में गेहूं की पैदावार 2.5% कम हो गई थी, जिससे संकट जैसी स्थिति पैदा हो गई थी। पिछले मई में भारत ने अनाज के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। इस बार आधिकारिक तौर पर 112 मिलियन टन गेहूं का अनुमान है, जो अब तक का सबसे अधिक है।
भारतीय गेहूं और जौ अनुसंधान संस्थान (Indian Institute of Wheat and Barley Research), और कृषि विज्ञान केंद्र (crop advisory centres) जैसे संस्थानों के कृषि वैज्ञानिकों को कहा गया है कि वे पांच राज्यों में किसानों के संपर्क में रहे ताकि गर्मी की स्थिति में फसल सुरक्षा उपायों से उन्हें अवगत करवाया जा सके। बढ़ते तापमान के बीच जिन राज्यों में हीटवेव का खतरा है, वे देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में हैं, जिनमें राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, और उत्तर प्रदेश शामिल हैं। राजस्थान, विभिन्न प्रकार के अनाज और तिलहन का एक प्रमुख उत्पादक है। यह हीटवेव के सबसे अधिक जोखिम में है। मध्य प्रदेश, भी बड़ा उत्पादक है लेकिन यहां खतरा कम है क्योंकि यहां गेहूं की फसल अन्य जगहों की तुलना में पहले परिपक्व हो जाती है।
मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, हीटवेव की स्थिति तब बनती है जब समतल इलाकों में तापमान 40 डिग्री के पार, तटीय क्षेत्रों में 37 डिग्री और पहाड़ी क्षेत्रों में 30 डिग्री सेल्सियस को पार कर जाता है। पंजाब, राजस्थान और हरियाणा में तापमान पिछले दो हफ्तों से 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच है।
Published on:
22 Feb 2023 10:26 am
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