
जयपुर/सामोद। वीर हनुमानजी की पहाड़ी पर चार दिन पहले मिले शव के मामले में पुलिस ने खुलासा करते हुए एक महिला सहित तीन को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश, किया, जहां से महिला को जेल व दो आरोपितों को पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पुलिस ने बताया कि महिला आरोपित से प्रेम प्रसंग के मामले के माध्यम से आरोपियों ने डराना व रुपए मांगकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया था। इससे आहत होकर बुजुर्ग ने जान दे दी थी।
पुलिस ने अनुसार 9 अगस्त को सामोद वीर हनुमानजी की पहाड़ी पर एक तिबारी में मिले शव की पहचान कल्याण सहाय (५०) पुत्र गोदुराम माली निवासी मोठू का बास थाना हरमाड़ा के रूप में हुई थी। मृतक के पास से मिले सुसाइड नोट में प्रताडि़त कर आत्महत्या के लिए मजबूर करने वालों के नाम लिखे होने व मृतक के बेटे द्वारा नामजद मामला दर्ज कराने पर पुलिस अधीक्षक जयपुर ग्रामीण डॉ. रामेश्वर सिंह व वृताधिकारी गोविंदगढ़ महावीर प्रसाद के निर्देशन में सामोद थानाधिकारी भूपेंद्र सिंह, एसआई मंजू कुमारी, एएसआई कैलाश चंद, कांस्टेबल महेंद्र कुमार, इंद्रा कुमार की टीम बनाकर जांच की तो प्रताडि़त व ब्लैकमेल करने के आरोपित सीताराम, उसका साडू हनूमान सहाय व सीताराम की पत्नी सुनीता उर्फ सुष्मिाता तीन जनों को गिरफ्तार किया।
पैसों के लिए प्रेम प्रसंग में फंसाया
पूछताछ में सामने आया कि मृतक कल्याण सहाय का लड़का लालचंद व आरोपित सीताराम धर्म का भाई बने हुए थे। इस कारण कल्याण सहाय का सीताराम के घर आना जाना था। पुलिस ने बताया कि इस बीच कल्याण सहाय और सीताराम की पत्नी के बीच प्रेम प्रसंग होने पर फोन पर बातें होने लगी। जरूरत होने पर सीताराम व सुनीता कल्याण सहाय से रुपयों का लेनदेन करते थे। योजना के अनुसार सीताराम, हनुमान सहाय व सुनीता ने मिलकर ब्लैकमेल करने की योजना बनाई।
योजना के तहत सुनीता ने कल्याण सहाय को अपने घर बुलाया, तब सुनीता घर पर अकेली थी। सुनीता ने योजना के अनुसार सीताराम को फोन कर सूचना दे दी। दोनों आपत्तिजनक स्थिति में देख कल्याण सहाय को डराया, धमकाया व प्रताडि़त किया। साथ ही रुपयों की मांग की। इससे आहत होकर कल्याण सहाय ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस मामले में मोबाइल कॉल डिटेल, फोन पिक्चर, चेक व नकद भुगतान राशि के लेनदेन की की जांच कर रही है।
Published on:
14 Aug 2017 06:51 pm
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