
जयपुर। इनबोर्न एरर्स ऑफ मेटाबॉलिज्म पर आयोजित तीन दिवसीय नेशनल कॉन्फ्रेंस आईएसआईईएम 2024 का उद्घाटन आज राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में हुआ। यह सम्मेलन 22 सितम्बर तक चलेगा। जिसमें चिकित्सक, विशेषज्ञ, शोधकर्ता और प्रभावित परिवार ज्ञान और नवीनतम उपचारों का आदान-प्रदान करेंगे।
सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी ने उद्घाटन समारोह में कहा कि ऐसे आयोजनों से चिकित्सकों को दुर्लभ रोगों के निदान में आए क्रांतिकारी परिवर्तनों की जानकारी मिलेगी।
कॉन्फ्रेंस के पहले दिन विभिन्न सेशन्स और वर्कशॉप्स का आयोजन किया गया। डॉ.लोकेश कुमार अग्रवाल और डॉ. उषा दवे ने मेटाबोलाइट आधारित दृष्टिकोण और ऑर्गेनिक एसिड्यूरिया प्रोफाइलिंग पर जानकारी साझा की। पैनल डिस्कशन्स में वंशानुगत मेटाबॉलिज्म रोगों और जटिल अणु मेटाबॉजिज्म विकारों पर चर्चा हुई, जिसमें विभिन्न विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार किया।
विशेषज्ञों ने बताया कि लाइसोसोमल स्टोरेज डिसऑर्डर जैसे रेयर डिजीज में समय पर जांच और निदान बहुत महत्वपूर्ण हैं। इलाज में देरी से आर्थिक बोझ बढ़ सकता है, इसलिए प्रीनेटल जेनेटिक काउंसलिंग और टेस्टिंग की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में यह भी चर्चा की गई कि शरीर को ऊर्जा देने के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। जो उचित आहार से प्राप्त होते हैं। मेटाबॉलिज्म का संतुलित रहना जरूरी है, क्योंकि यह भोजन को ऊर्जा में बदलने का कार्य करता है।
इस आयोजन का उद्देश्य चिकित्सकों को नवीनतम जानकारी प्रदान करना है, जिससे मरीजों की स्थिति में सुधार किया जा सके।
Published on:
20 Sept 2024 09:29 pm
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