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‘वो सामने जिंदा जलते और तड़पते हुए जान बचाने की गुहार लगता रहा और मैं नहीं बचा पाया’

Barmer Trailers Accident: जिंदा जलते और तड़पते हुए जान बचाने की गुहार के बावजूद मैं नहीं बचा पाया। बोला चाचा, अगले साल बजनी थी शहनाई और छा गया मातम

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Barmer Accident Trailers

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जयपुर. बाड़मेर जिले के गुड़ामालानी आदूराम पेट्रोल पंप के पास हुई सड़क दुर्घटना में तीन लोग जिंदा जल गए। दुर्घटना के बाद पास ही मौके पर बैठा लक्ष्मणराम बदहवास रो रहा था, बोल रहा था मेरा 23 साल का जवान भतीजा प्रदीप पुत्र रामचंद्र ट्रेलर से बाहर ही नहीं निकल पाया और जिंदा जल गया। अभी अगले साल ही परिवार के लोग उसकी शादी करने वाले थे। इसके अलावा मरने वालों में दूसरे ट्रेलर के मोहम्मद शरीफ खान (40) पुत्र सामू खान, मोहम्मद रफीक (34) पुत्र हुसैन खान दोनों जिंदा जल गए।

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों ट्रेलर में दो-दो ड्राइवर थे, एक मोरबी गुजरात से टाइल्स भरकर पंजाब जा रहे ट्रेलर में चाचा लक्ष्मणराम और भतीजा प्रदीप थे। दोनों बीकानेर के नोखा के रहने वाले थे। भतीजा ट्रेलर चला रहा था और चाचा पास में सो रहा था। इसी दौरान गुड़ामालानी पेट्रेाल पंप के पास सामने से आ रहे मिट्टी से भरे से दूसरे ट्रेलर से उनकी टक्कर हो गई।
आमने सामने की थी टक्कर
पुलिस व स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के हिसाब से चाचा लक्ष्मणराम कुछ समझ पाता इससे पहले आग लग गई। वह भतीजे को बचाने की कोशिश करता, इससे पहले डीजल टैंक फट गया। वहीं, मिट्टी से भरे ट्रेलर में मोहम्मद शरीफ खान (40) पुत्र सामू खान, मोहम्मद रफीक (34) पुत्र हुसैन खान दोनों जिंदा जल गए। दोनों ही बीकानेर के नाल के रहने वाले थे। शरीफ खान के डेढ़ साल, 4 साल और 6 साल के तीन बच्चे हैं, मोहम्मद रफीक के पिता की दो माह पहले मौत हुई थी। इनके तीन लड़कियां और एक लड़का है। बड़ी लड़की 17 साल की और सबसे छोटा लड़का 11 साल का है।

टक्कर के बाद कुछ नहीं आया समझ
लक्ष्मणराम ने कहा कि टक्कर के बाद हमारे ट्रेलर के ड्राइवर साइड जाम हो गया। सामने वाले ट्रेलर का भी पूरा केबिन जाम हो गया। डीजल टंकी फटने से दोनों ट्रेलरों में भयंकर आग लग गई। मैंने तीनों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन आग बेकाबू हो गई थी। कुछ ही मिनटों में ही दोनों ट्रेलर में आग लग गई और उनको बचा नहीं पाया। मैं मदद के लिए चिल्लाया। मेरी आंखों के आगे तीनों जिंदा जल गए। मैं कुछ नहीं कर पाया। मेरा भतीजा पांच साल से गाड़ी चला कर परिवार का पेट पाल रहा था। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

चारों तरफ आग और चीखने चिल्लाने की आवाजें
प्रत्यक्षदर्शी पेट्रोल पंप के मैनेजर हनुमानराम ने बताया, डीजल टैंक में ब्लास्ट होने के साथ ही दो-तीन मिनट में आग ने विकराल रूप ले लिया। हम लोग भी कुछ नहीं कर पाए। कुछ देर तो चिल्लाने-चीखने की आवाजें आती रही बाद वह भी आग के साथ साथ बंद हो गई। करीब 60 मीटर दूरी पर रहने वाले लोगों ने बताया कि सुबह सुबह काम में लगे हुुए थे कि अचानक आवाजें आने लगी। इधर-उधर देखा तो आग की लपटें दिखीं। जोर-जोर से रोने और चिल्लाने की आवाज आ रही थी।