
टाइगर लवर्स के लिए खुशखबरी : रणथंभौर से रेस्क्यू कर मुकुंदरा रिजर्व में लाए टी 2301 बाघिन
जयपुर। बूंदी के बाद कोटा के लिए खुशखबरी आई। रणथम्भौर टाइगर रिजर्व (Ranthambore Tiger Reserve) से बुधवार को एक बाघिन मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व (Mukundra Hills Tiger Reserve) में रवाना किया गया। यह बाघिन मुकुंदरा में विचरण कर रहे बाघ एमटी 5 की जोड़ीदार बनेगी। अर्से से बाघिन लाने की मांग उठ रही थी।
वन विभाग की टीम ने बुधवार दोपहर 2:30 बजे फलौदी रेंज में टी-2301 को सफलतापूर्वक ट्रेंकुलाइज कर उसे मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के लिए रवाना कर दिया। टीम बाघिन को लेकर देर रात मुकुंदरा पहुंचेगी। यह ऑपरेशन फील्ड डायरेक्टर, रणथंभौर टाइगर रिजर्व, सवाई माधोपुर के निर्देशन एवं डब्ल्यूआईआई के एक्सपर्ट, पशु चिकित्सक तथा मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व की टीम ने किया।
नया घर बसाएंगे
मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के कार्यवाहक मुख्य वन संरक्षक बीजो जॉय ने बताया कि बाघिन को सेल्ज़र क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। नवंबर 22 में बाघ एमटी- 5 को रणथम्भौर से लाकर मुकुन्दरा में शिफ्ट किया गया था।
शर्मीली है बाघिन
रणथंभौर के नेचर गाइड शाकिर अली के अनुसार, बाघिन टी2301 बाघिन टी114 की पहली संतान है। पिता बाघ टी-108 है। मां की मौत गत वर्ष दिसंबर में हो गई थी। बाघिन का जन्म फरवरी 2021 में हुआ था। इस बाघिन का बसेरा देवपुरा बांध फलौदी डोलड़ा गांव, डागरवाड़ा वन क्षेत्र बना हुआ था। गैर पर्यटन क्षेत्र की बाघिन होने के कारण यह काफी शर्मीली है। रणथंभौर टाइगर रिजर्व की बुजुर्ग बाघिन में से एक नूर इसकी मौसी है।
Published on:
10 Aug 2023 12:56 am
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