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‘बाघ-जंगल संरक्षण बचाएगा दुनिया’

राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में ‘बाघोदय’ में जुटे संरक्षणवादी

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जयपुर

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Ravi Sharma

Aug 05, 2023

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जयपुर. टाइगर के मूवमेंट, बच्चों के साथ प्यार और एक दहाड़ के साथ झालाना स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में शुक्रवार को टाइगर एंथम का राजस्थानी वर्जन ‘थारी-म्हारी आ दुनिया’ लॉन्च हुआ। साथ ही सरिस्का के बाघों के जीवन पर आधारित फिल्म की स्क्रीनिंग भी हुई। यह मौका था वर्ल्ड वाइल्डर्नेस कांग्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूडब्ल्यूटीआई) और सरिस्का टाइगर फाउंडेशन (एसटीएफ) की ओर से आयोजित कार्यक्रम ‘बाघोदय’ का।

वर्ल्ड वाइल्डर्नेस कांग्रेस के वैश्विक अध्यक्ष वेंस जी. मार्टिन समेत कई पर्यावरणविद् और बाघ संरक्षण एक्सपर्ट ने बाघों के संरक्षण और उत्थान की सशक्त रणनीति पर चर्चा की। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने हिस्सा लेकर बाघ सरंक्षण की नीति समझी। महाराष्ट्र के चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन महीप गुप्ता ने वीडियो संदेश से विचार साझा किए।

पुनर्वास की एक पहल
एसटीएफ के संस्थापक सचिव दिनेश दुरानी ने बाघोदय के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा, हम विभिन्न राज्यों से बाघों के पुनर्वास के लिए पहल की उम्मीद कर रहे हैं। ग्रामीणों का पुनर्वास भी बघोदय का एक प्रमुख उद्देश्य है। कार्यक्रम में डब्ल्यूडब्ल्यूटीआई के चेयरमैन और एसटीएफ अध्यक्ष सुनील मेहता ने बाघ संरक्षण की नीति को एक पाठ्यक्रम के जरिए लोगों को समझाने की कोशिश की।

3 फिल्म में दिखा बाघों का जीवन
5 बार राष्ट्रपति पुरस्कार से नवाजे जा चुके फिल्म निर्माता सुब्बैया नल्ला मुथु की तैयार 3 फिल्मों की यहां स्क्रीनिंग की गयी। इनमें सरिस्का में बाघों के जीवन, विश्व बाघ दिवस और चार साल में बाघ संरक्षण की वास्तविक स्थिति को दर्शाने वाली फिल्में शामिल है। वैज्ञानिक डॉ. बिलाल हबीब ने वन्यजीवों की उपस्थिति के वैज्ञानिक पहलुओं को सभी के सामने रखा। साथ ही कहा कि देश में टाइगर को बचाने के लिए नई योजनाएं की जरूरत है।

एक-दूसरे से जुड़ा है जीवन
भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने वीडियो सन्देश के माध्यम से टाइगर प्रोजेक्ट के 50 वर्ष व सरिस्का में बाघ विस्थापन के 15 वर्ष पूर्ण होने पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बाघ और जंगल को बचाकर ही हम दुनिया को बचा पाएंगे क्योंकि हम सभी का जीवन एक दूसरे से जुड़ा हुआ है।