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सरिस्का के जंगल से निकलकर जयपुर पहुंचा टाइगर, दो दिन से कर रहा मूवमेंट

सरिस्का से 70 किमी चलकर टाइगर पहुंचा राजधानी के करीब, 32 साल बाद जमवारामगढ़ वन रेंज में टाइगर की मूवमेंट, टाइगर के लिए सर्च अभियान शुरू

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देवेन्द्र सिंह राठौड़ / जयपुर। राजस्थान में बाघों का कुनबा बढऩे और विचरण क्षेत्र कम पडऩे के कारण बाघों का नए इलाकों के लिए जंगल से बाहर निकलने का सिलसिला लगातार जारी है। रणथम्भौर के बाद अब सरिस्का का युवा बाघ इधर—उधर भटक रहा है। गुरुवार रात बाघ भटकते—भटकते जयपुर के करीब तक पहुंच गया। सूचना के बाद वन विभाग की टीम ने बाघ के लिए सर्च आपरेशन शुरू कर दिया है।

वन विभाग के अनुसार सरिस्का से 70 किमी चलकर पहुंचने वाला टाइगर एसटी-24 जयपुर के करीब पहुंचा है। टाइगर का यह मूवमेंट जमवा रामगढ़ के साहू गांव के पास देखा गया है। विभाग के अनुसार बाघ एसटी-24 दो दिन से यहां विचरण कर रहा है। जमवा रामगढ़ वन रेंज में टाइगर का यह मूवमेंट 32 साल बाद हुआ हैं। अंतिम बार 1990 में टाइगमर जमवारामगढ़ आया था।

गौरतलब है कि इसी महीने रणथम्भौर से दो युवा बाघ टी-132 व बाघ टी-136 टेरेटरी की तलाश में इधर-उधर भटक रहे थे। इनमें बाघ टी-136 गंगापुरसिटी के लालपुर उमरी क्षेत्र की पहाड़ी पर लगे वन विभाग के फोटो ट्रैप कैमरों में कैद हुआ था। वहीं, बाघ टी-132 का मूवमेंट हाड़ौती के जंगलों में बना हुआ था।

पगमार्क से हुई पुष्टि

वन विभाग की टीम ने साहू गांव में सर्च अभियान शुरू कर रखा है। वहां मिले पगमार्क से बाघ का पीछा किया जा रहा है। वन विभाग ने वहां मिले पगमार्क से यहां टाइगर होने की पुष्टि की हैं।