
देवेन्द्र सिंह राठौड़ / जयपुर। सरिस्का से करीब 70 किमी चलकर आया टाइगर एसटी 24 जयपुर के करीब जमवारामगढ़ के जंगल में घूम रहा है। यह इलाका टाइगर को काफी रास आ रहा है। पिछले 12 दिन में टाइगर ने यहां करीब एक दर्जन से अधिक मवेशियों को अपना शिकार बना चुका है। वहीं दूसरी ओर वन विभाग की टीमें टाइगर का पता लगाने में अभी भी खाली हाथ हैं। जिससे ग्रामीणों में दहशत है। वहीं दूसरी ओर वनकर्मियों की लाचारी से ग्रामीणों में दहशत बढ़ती जा रही है।
सरिस्का के अजबगढ़ जंगल से लापता बाघ एसटी 24 ने पिछले दिनों जमवारामगढ़ के सांऊ गांव में एक मवेशी का शिकार किया था। बाघ के पगमार्क देखे जाने पर इस बात की पुष्टि हुई। इसके बाद वन विभाग के अफसर हरकत में आए। सरिस्का से दो टीम व जमवारामगढ़ रेंज की दो टीम में कुल 20 वनकर्मी बाघ की पड़ताल में जुटे। इस दौरान बाघ ने अलग-अलग समय में एक दर्जन मवेशियों को शिकार बनाया।
ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पगमार्क जुटाए। उसके आधार पर पड़ताल की लेकिन कोई सफलता नहीं मिली है। इससे बाघ की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। क्योंकि पहले भी सरिस्का शिकारियों की निशाने पर आने से बाघ विहीन हो चुका है।
मवेशी चराने से डरने लगे ग्रामीण
नंदीआला की ढाणी निवासी रामस्वरूप मीणा ने बताया कि बाघ के भय से हाथ में लकड़ी, कुल्हाड़ी आदि लेकर निकलना पड़ रहा है। खेतों में जाने के लिए तीन-चार लोगों को साथ जाना पड़ रहा है। अब तो, अकेले मवेशी चराने भी नहीं जा पा रहे। कल्याण मीणा ने बताया कि पहरा देना पड़ रहा है। दिन में पांच-सात लोग एक जगह एकत्र रहते हैं। रात को भी पहरा देते है। सो भी नहीं पा रहे।
Updated on:
05 Sept 2022 03:37 pm
Published on:
05 Sept 2022 03:01 pm
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