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बाघिन मां एश्वर्या और बेटी के बीच संघर्ष, जानें यह है कारण

रणथम्भौर में मंगलवार को एक बार फिर इलाके को लेकर जंग देखने को मिली। जानकारी के अनुसार शाम की पारी में रणथम्भौर के जोन दस में भ्रमण पर गए पर्यटकों को वन विभाग की चौकी के पीछे बाघिन टी-99 और उसकी मादा शावक के बीच टेरेटरी को लेकर संघर्ष का नजारा देखने को मिला है।

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बाघिन मां एश्वर्या और बेटी के बीच इलाके को लेकर संघर्ष, यह देख पर्यटक हुए रोमांचित

बाघिन मां एश्वर्या और बेटी के बीच इलाके को लेकर संघर्ष, यह देख पर्यटक हुए रोमांचित

जयपुर। सवाईमाधोपुर (Sawai madhopur) जिले के रणथम्भौर (Ranthambore Sanctuary) में मंगलवार को एक बार फिर इलाके को लेकर जंग देखने को मिली। जानकारी के अनुसार शाम की पारी में रणथम्भौर के जोन दस में भ्रमण पर गए पर्यटकों को वन विभाग की चौकी के पीछे बाघिन टी-99 एश्वर्या (Tigress T-99 Aishwarya) और उसकी मादा शावक के बीच टेरेटरी को लेकर संघर्ष का नजारा देखने को मिला है।

जानकारी के अनुसार बाघिन टी-99 यानी एश्वर्या व उसी बेटी मंगलवार शाम को रणथम्भौर के जोन दस में एक ही इलाके मेें नजर आए। देखते ही देखते मां बेटी इलाके को लेकर आपस में लड़ गई। यह नजारा देखकर भ्रमण पर गए पर्यटक अभिभूत हो गए और उन्होंने इस नजारे को कैमरे में कैद किया। हालांकि, मां बेटी की भिडंत में अनुभव के आधार पर मां ने विजय पाई और बेटी ने मां के सामने कुछ ही देर में हथियार डाल दिए।

रणथम्भौर मेंं क्षमता से अधिक बाघ-बाघिन

वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार रणथम्भौर में वाइल्ड लाइफ इंस्टिट्यूट ऑफ इण्डिया की एक रिपोर्ट के रिपोर्ट के अनुसार 50 बाघ बाघिनों के लिए ही पर्याप्त स्थान है, लेकिन रणथम्भौर में वर्तमान में 78 बाघ बाघिन व शावक विचरण कर रहे है। ऐसे में बाघ बाघिनों के बीच इलाके को लेकर आए दिन संघर्ष होता रहता है। इस बात से स्थानीय वन अधिकारी भी इत्तेफाक रखते है और पूर्व में कई बार वन अधिकारी भी रणथम्भौर से बाघ बाघिनों को शिफ्ट करने की दरकार पर हामी भर चुके हैं।