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Baba Balak Nath win: राजस्‍थान के ‘योगी’ बाबा बालकनाथ ने किया बड़ा खेला, सबसे हॉट सीट पर इमरान खान को हराया

Tijara Assembly Seat final Result 2023: राजस्थान की जनता मतदान के बाद विधानसभा चुनाव परिणाम का बेसब्री से इंतजार कर रही थी। लेकिन अब वो इंतजार खत्म हो गया है। एक-एक करके राजस्थान की प्रत्येक विधानसभा सीट पर रुझान सामने आ रहे हैं।

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तिजारा में बीजेपी के बाबा बालकनाथ जीत गए हैं।

राजस्थान की हॉट सीटों में से एक तिजारा सीट (tijara seat) पर भी बड़ा खेल हो गया है। तिजारा में बीजेपी के बाबा बालकनाथ (baba balaknath) और कांग्रेस के इमरान खान (imran khan) के बीच कड़ा मुकाबला था। यहां के जो परिणाम सामने आया है वो काफी चौंकाने वाला है।

तिजारा में बीजेपी के बाबा बालकनाथ जीत गए हैं। उन्होंने करीब 7 हजार वोटों के बड़े अंतर से कांग्रेस के इमरान खान को हराया है। बालकनाथ की जीत के बाद उनके समर्थकों में खुशी का माहौल नजर आ रहा है।

2018 में बसपा के संदीप कुमार जीते थे चुनाव
साल 2018 के विधानसभा चुनाव में तिजारा सीट पर बसपा के संदीप कुमार ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने कांग्रेस के ऐमादुद्दीन अहमद खान को 4457 मतों के अंतर से हराया था। वहीं बीजेपी के संदीप दायमा तीसरे नंबर पर रहे थे।
महंत बालकनाथ ने 6 साल की उम्र में ही ले लिया था संन्यास, जानिए उनके संन्यासी बनने से लेकर राजनीति में कदम रखने की कहानी
बालकनाथ ने साढ़े 6 साल की उम्र में ही सन्यास ले लिया और अपना घर छोडकऱ आश्रम चले गए। अलवर जिले के बहरोड़ तहसील के कोहराना गांव में 16 अप्रैल 1984 को किसान परिवार में उर्मिला देवी व सुभाष यादव के यहां गुरुवार को महंत बालकनाथ योगी का जन्म हुआ। इनके दादाजी का नाम फूलचंद यादव व दादी का नाम संतरो देवी है।

महंंत बालकनाथ के दोनों चाचा डॉक्टर हैं। महंत बालकनाथ योगी जी के पिता सुभाष यादव नीमराना के बाबा खेतानाथ आश्रम में ब्रह्मलीन पूज्य बाबा खेतानाथ की सेवा करते थे। महंत बालकनाथ योगी का जन्म गुरुवार को होने के कारण बचपन में उनका नाम बाबा खेतानाथ ने गुरुमुख रखा।

बालक गुरूमुख के पितासुभाष यादव ने उसके जन्म से पूर्व ही उसको जनकल्याण के लिए व आस्था के चलते संत बनने के लिए और गुरुओं की सेवा के लिए बाबा खेतानाथ को उसे अर्पित करने की सेवा आश्रम में बोल दी थी । जिसके बाद साढ़े छ: वर्ष की उम्र में गुरुमुख को बाबा खेतानाथ के ब्रह्मलीन होने के बाद गद्दी पर महंत हुए सोमनाथ को उनके परिवार ने सौंप दिया था।

ब्रह्मलीन महंत सोमनाथ ने शिक्षा दीक्षा के लिए बालक गुरूमुख को छ: महीने बाद ही अस्थल बोहर रोहतक में ब्रह्मलीन और अलवर के पूर्व सांसद महंत चांदनाथ योगी के पास भेज दिया । जहां गुरुमुख की बच्चों जैसी चंचलता देख कर उसे बालकनाथ नाम से पुकारा जाने लगा।

बालकनाथ ने कठिन तपस्या , साधना की व मठ की सेवा करते हुए और नाथ सम्प्रदाय की परंपराओं को सीखते हुए गुरु के आदेश अनुसार कार्य किये और देश भर में विभिन्न आश्रमों में सेवा का दायित्व निभाया। महंत बालकनाथ योगी के गुरु ब्रह्मलीन महंत चांदनाथ योगी बहरोड़ से विधायक रहे व अलवर से सांसद भी बने लेकिन उनका लंबी बीमारी के चलते स्वर्गवास हो गया।

योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में बने उत्तराधिकारी
ब्रह्मलीन महंत चांदनाथ योगी , यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ व योगगुरु बाबा रामदेव और देश भर के प्रमुख संतो की उपस्थिति में गुरूमुख महंत बालकनाथ योगी को अस्थल बोहर का आठवां उत्तराधिकारी 29 जुलाई 2016 को घोषित किया गया। महंत चांदनाथ योगी 17 सितंबर 2017 को गम्भीर बीमारी के कारण ब्रह्मलीन हुए जिसके बाद महंत बालकनाथ योगी ने अस्थल बोहर के मठाधीश के रूप में नाथ सम्प्रदाय के सबसे बड़े मठ का दायित्व आठवें मठाधीश के रूप में संभाला । वर्तमान में महंत बालकनाथ योगी आठवीं शताब्दी में स्थापित हरियाणा के रोहतक में 150 एकड़ भूमि में फैले हुए बाबा मस्तनाथ मठ के मठाधीश और बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भी है।