
जयपुर। 19 जनवरी से शुरू हो रहे 16वीं विधानसभा सत्र के आगाज से पहले कांग्रेस ने नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति कर दी है। पार्टी हाइकमान ने सभी को चौकाते हुए अलवर ग्रामीण से विधायक और पूर्ववर्ती गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे टीकाराम जूली को नेता प्रतिपक्ष बनाया है। वहीं गोविंद सिंह डोटासरा प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष बने रहेंगे।
पार्टी के इस फैसले को आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जाट-दलित वोट बैंक को रिझाने के तौर पर भी देखा जा रहा है। संभवतः पहली बार है कि जब कांग्रेस ने किसी दलित चेहरे को नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी दी है। हालांकि जाट चेहरे के तौर पर गोविंद सिंह डोटासरा और हरीश चौधरी का नाम भी नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में था।
वहीं एसटी चेहरे के तौर पर महेंद्रजीत सिंह मालवीय का भी चर्चा में था लेकिन पार्टी ने इस बार दलित चेहरे पर दांव खेला है। पार्टी ने करीब डेढ़ माह बाद नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति की है। कांग्रेस की ओर से नियुक्ति के बाद अब विधानसभा से भी नेता प्रतिपक्ष का गजट नोटिफिकेशन जारी होगा।
डोटासरा पर जताया भरोसा
इधर पार्टी हाइकमान ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद पर एक बार गोविंद सिंह डोटासरा के नाम पर भरोसा जताया है। डोटासरा 15 जुलाई 2020 से इस पद पर काम करते आ रहे हैं। शेखावाटी अंचल में डोटासरा का खासा प्रभाव माना जाता है, विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस का शेखावाटी अंचल के सीकर, झुंझुनूं और चूरू जिले में बेहतर प्रदर्शन रहा है। पूर्व में उनके नेतृत्व में हुए उपचुनावों के परिणाम भी पार्टी के पक्ष में गए थे। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में आए परिणामों में भी पार्टी मजबूत विपक्षी की भूमिका में है।
जितेंद्र सिंह की रही बड़ी भूमिका
जानकारों की मानें तो टीकाराम जूली को नेता प्रतिपक्ष बनवाने में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व सांसद जितेंद्र सिंह की बड़ी भूमिका रही। जूली को जितेंद्र सिंह का बेहद नजदीकी माना जाता है। पिछले कई दिनों से इसके लिए सिंह दिल्ली में जबरदस्त लॉबिंग भी कर रहे थे।
अलवर ग्रामीण से तीसरी बार विधायक
30 नवंबर 1980 को अलवर के काठूवास में जन्मे टीकाराम जूली अलवर ग्रामीण से तीसरी बार विधायक हैं। वे पहली बार 2008 में बने, उसके बाद 2018 और 2023 में विधायक चुने गए। जूली ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत पंचायत राज से की थी। वे अलवर के सबसे युवा जिला प्रमुख रहने के साथ ही अलवर ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष भी रहे हैं। इसके अलावा पूर्ववर्ती गहलोत सरकार में 24 दिसंबर 2018 से 20 नवंबर 2021 तक राज्यमंत्री और उसके बाद मंत्रिमंडल पुनर्गठन में कैबिनेट मंत्री रहे।
नेता प्रतिपक्ष को कैबिनेट मंत्री के बराबर सुविधाएं
इधर नेता प्रतिपक्ष को कैबिनेट मंत्री के बराबर सुविधाएं दी जाती हैं। इस नाते उन्हें अब सरकारी आवास और अन्य सुविधाएं मिलने के साथ ही विधानसभा में भी कार्यालय मिलेगा।
जनहित के मुद्दों पर सरकार को घरेंगेइधर नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद टीकाराम जूली ने मीडिया से बातचीत में कहा जनहित के मु्द्दों पर सरकार को सदन और सदन के बाहर घरेंगे। सरकार बनें डेढ माह का समय हो चुका है लेकिन मुख्यमंत्री पर्ची से बाहर ही नहीं निकल पा रहे हैं। कोई नये काम शुरू नहीं किए गए हैं, जो काम चल रहे थे उन पर रोक लगा दी।
वीडियो देखेंः- ED Raid In Rajasthan: पूर्व मंत्री Mahesh Joshi के ठिकानों पर ईडी की रेड | Jal Jeevan Mission News
Updated on:
17 Jan 2024 09:41 am
Published on:
16 Jan 2024 07:34 pm
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