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जैन संत के अंतिम संस्कार में करोड़ों की बोली
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जैन संत के अंतिम संस्कार में करोड़ों की बोली

लोकमान्य राष्ट्र संत रूपमुनि की अंतिम यात्रा के दौरान सबसे बड़ी बात ये रही कि अंतिम संस्कार के समय संत के पार्थिव शरीर को कंधा देने से लेकर मुखाग्नि तक के लिए भक्तों ने करोड़ों रुपए की बोली लगाई
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लोकमान्य राष्ट्र संत रूपमुनि के महाप्रयाण के बाद जैतारण स्थित जैन स्थानक से रवाना हुई अंतिम यात्रा में भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। जैतारण के पावनधाम परिसर में नवकार मंत्र के गुणगान के साथ संत की पार्थिव देह को मुखाग्नि दी गई। इस दौरान माहौल भावविभोर हो गया।

हर किसी की आंख नम हो उठी। जैन संत सुकनमुनि और अमृतमुनि के सान्निध्य में संत रूपमुनि को अंतिम विदाई दी गई। यहां केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत, केन्द्रीय मंत्री पी.पी. चौधरी व गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, जलदाय मंत्री सुरेन्द्र गोयल के साथ ही राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र की कई हस्तियों ने अंतिम दर्शन कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए
संत रूपमुनि की अंतिम यात्रा के दौरान सबसे बड़ी बात ये रही कि अंतिम संस्कार के समय संत के पार्थिव शरीर को कंधा देने से लेकर मुखाग्नि तक के लिए भक्तों ने करोड़ों रुपए की बोली लगाई। इस दौरान करीब 8 करोड़ रुपए की बोली लगाई गई। सबसे ज्यादा बोली एक भक्त ने 1 करोड़ 94 लाख रुपए की लगाकर संत को मुखाग्नि देने का सौभाग्य प्राप्त किया।

आपको बता दें कि राजस्थान के लोकमान्य संत मुनि रूपचंद का शुक्रवार मध्यरात्रि 2 बजकर 45 बजे निधन हो गया था। लोकमान्य सन्त रूपमुनि का अहमदाबाद के साल अस्पताल में उपचार चल रहा था। रूप मुनि 36 कौमों पर अपना प्रभाव रखने वाले संत कहे जाते हैं. उनके महाप्रयाण पर उनके भक्तों के साथ संत समाज में भी शोक की लहर है. राजस्थान में कई सामाजिक कार्यों में भी रूप मुनि का योगदान रहा।

तेजस्वी, ओजस्वी और प्रखर व्यक्तिव के धनी संत रूपमुनि ना केवल जैन समाज के बल्कि सभी समाज में लोकप्रिय रहे हैं। छोटे से गांव नाड़ोल में जन्मे रूपमुनि ने अत्यंत अल्प आयु में ही दीक्षा ग्रहण कर ली थी। अपनी सहज वाणी, निर्भीक विचार और सम सामायिक विषयों पर बेबाक राय रखने वाले संत रूपमुनि ने गुरु मिश्रीमल महाराज के पदचिह्नों पर चल कर उनके नाम को और अधिक विस्तारित किया। गोशाला सरंक्षक के रूप में उनको लाखों गायों को बचाने का श्रेय जाता है। आज उनकी प्रेरणा से कई गोशाला संचालित हो रही हैं।