जयपुर. विश्वकल्याण, आध्यात्म को बढ़ावा देने और वातावरण शुद्धि के लिए शहर में इन दिनों प्रदेशभर के संतों की मौजूदगी में अलग—अलग महायज्ञ आयोजित कर यजमानों की ओर से आहुतियां दी जा रही है। इस कड़ी में जाहोता नांगल स्थित यज्ञ स्थल सिद्ध गणपतिधाम में नौ दिवसीय 109 कुण्डात्मक श्री राम महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। रामधुनी—रामनाम संकीर्तन के बीच संत चेतनदास, ब्रह्मचारी गणेश चैतन्य के सान्निध्य में आहुतियां दी गई। चेतनदास ने बताया कि अब तक लगभग आठ लाख आहुतियां दी जा चुकी हैं। महायज्ञ में रोज कई सामाजिक कार्यकर्ता अलग-अलग दिन भंडारा कर रहे हैं, जिसमें साधु-संतों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र के श्रद्धालुगण भी प्रसादी पा रहे हैं। बुधवार को 21 जोड़ों का विवाह हुआ। समापन गुरुवार को महायज्ञ का पूर्णाहुति कार्यक्रम से होगा।
आठ घंटे तक भक्तों ने दी आहुतियां
विद्याधर नगर सेक्टर आठ स्थित पापड़ वाले हनुमान मंदिर में 21 कुंडीय यज्ञ का आयोजन महंत रामसेवक दास के सान्निध्य में हुआ। यज्ञ में 71 जोड़ों ने भाग लिया। प्रवक्ता सामोता जैन ने बताया कि आठ घंटे तक आहुतियां दी गई। पुजारी राजा रामदास ने बताया कि हनुमान एवं श्रीराम मंदिर में कनक बिहारीजी का विशेष श्रृंगार किया गया। यज्ञ आरती के बाद भंडारे में भक्तजनों ने प्रसादी ग्रहण की।
इधर वेद स्वाध्याय पीठ ( गुरुकुल)में 27 दिवसीय नि:शुल्क ग्रीष्मकालीन शिविर में विद्यार्थियों को वेद, ज्योतिष, संस्कार संस्कृति व नैतिक मूल्य के जानकारी दी जा रही है। इस मौके पर एकादश हवन कुंड एवं यज्ञों का परिचय दिया गया। बच्चों को हवन कुंड के परिचय के साथ-साथ हवन करने की विधि से भी अवगत कराया गया। जानकी जीवन धाम से महन्त चैतराम शरण, आचार्य योगेश पारीक व संरक्षक पंडित महेश कुमार शर्मा मौजूद रहे।