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Aaj Ka Rashifal 5 October : जानिए आज क्या कहता है आपका भाग्य बता रहे हैं तीन ज्योतिषाचार्य

पढ़े तीन ज्‍योतिषियों से राशिफल स‍मेत फैमिली एस्‍ट्रो स्‍पेशल सिर्फ पत्रिका पर

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जयपुर

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Shipra Gupta

Oct 04, 2023

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आपके सवालों के जवाब फैमिली एस्ट्रो स्पेशल पर
ज्योतिषाचार्य: पं. मुकेश भारद्वाज के साथ

यहां पाएं चार तरह की एस्ट्रो विधाओं के टिप्स
1). अंकगणित
2). टैरो कार्ड
3). वैदिक ज्योतिष (सनसाइन-मूनसाइन)
4). वास्तु शास्‍त्र
यह कॉलम उन पाठकों के लिए है जो ज्योतिष शास्त्र के माध्यम से भविष्य के पूर्वानुमानों में भी रुचि रखते हैं। भविष्य के पूर्वानुमान लगाने की लगभग सभी लोकप्रिय विधाओं को समाहित कर इस क्षेत्र में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए यह देश में एक नए तरह की पहल है। जिसमें पाठक ना केवल दिन से जुड़ी सम्भावनाओं की जानकारी लें सकेगें साथ ही भविष्य से जुड़े प्रश्न भेज पूर्वानुमान प्राप्त कर सकेगें।
इस कॉलम में अंकगणित टैरो कार्ड, सनसाइन, वैदिक ज्योतिष एवं मून साइन के अनुसार ग्रह नक्षत्र के समग्र प्रभाव का पूर्वानुमान और संभावना पर लगातार जानकारियों को साझा करेंगे।

ज्योतिषाचार्य: पं. मुकेश भारद्वाज

अंकगणित के अनुसार आज का मूलांक 5 और भाग्यांक 4 है। आज के दिन में जहां एक और बुद्धिमत्ता और ज्ञान को उचित अवसर मिलने के सहयोग बना रहे हैं। वहीं दूसरी ओर तकनीकी दक्षता और उससे जुड़े कार्यों में विशेष प्रगति की संभावनाएं दिखाई देती हैं। वे सभी लोग जो ज्ञान के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। बैंकिंग सेगमेंट में कर रहे हैं। अर्थव्यवस्था और किसी भी प्रकार के शेयर मार्केट या कमोडिटी या अन्य प्रकार के आर्थिक गतिविधियों में संलग्न है। उन सभी के लिए अच्छे अवसर मिलने की संभावना रहेगी। इसके साथ ही चार का अंक थोड़ा नकारात्मक माना जाता है और फिर वह दो और दो के सहयोग से बना है। इस कारण से आज के दिन में संभाल कर चलने का दिन रहेगा। तेजडियों की जगह मंदडियो को सफलता मिलने की संभावना अधिक दिखाई देती है ।इसके अतिरिक्त जो लोग अपने जॉब के परिवर्तन या विभाग बदलने की संभावनाओं को देख रहे थे उनके लिए भी आज का दिन महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। मूलांक 1,2,4,5,7 और 9 वालों के लिए आज का दिन बेहतर होने की संभावना रहेगी।

वैदिक ज्योतिष (सनसाइन — मूनसाइन)

सनसाइन के अनुसार कार्य स्थल पर आज का दिन नकारात्मकता से शुरू अवश्य होगा। लेकिन दिन के मध्य भाग में थोड़ी सकारात्मक ऊर्जा मिलने से उन सभी लोगों को राहत मिलेगी। जो अपने कार्यों को एकाग्रता और प्रतिबद्धता के साथ करना चाहते हैं। कर्मचारियों के आपसी संदेह और एक दूसरे पर विश्वास का लाभ उच्च अधिकारी उठाने का प्रयास करेंगे। बहुत समझ कर चलने का दिन है। तकनीकी रूप से दक्ष लोगों को आज अधिक अवसर मिलेंगे। जिनकी आर्थिक पक्ष को समझने में दक्षता है, उन्हें भी विशिष्ट अधिकार मिलने की संभावना रहेगी।

मूनसाइन के अनुसार आज का दिन भावनात्मक विषयों पर एक दूसरे के साथ खास विषयों पर वार्तालाप में पिछली बातों के संदर्भ और आर्थिक लेनदेन में बढ़ती गई अन्य नेताओं के आधार पर थोड़ा तनावपूर्ण रह सकते हैंं आज का दिन इस बात के लिए भी विशेष रूप से परेशानी भरा हो सकता है। जिसमें आपसी सद्भाव या निष्ठा के प्रति पूरी ईमानदारी ना बरती गई हो। अगर दोनों पक्ष एक ही तरह के मूड के साथ बातचीत में शामिल हुए तो संबंधों में स्थाई तनाव आने की संभावना से युक्त दिन है।

आपका सवाल

प्रश्न: श्राद्ध से पितरों सद्गति कैसे मिलती है? — निशा सावंत

उत्तर: श्राद्ध करने वाले व्यक्ति का श्राद्ध कर्म करने के पीछे मुख्य उद्देश्य यही रहता है कि पूर्वजों को उनकी पितृ योनि में कोई कष्ट ना हो। जो भी उनके संकल्प या इच्छाएं अधूरी रह गई हैं जिनके कारण मुक्ति में बाधाएं आ रही हैं वे दूर हो और इसके साथ ही उनके परिवार की श्रद्धांजलि पितरों तक पहुंचे वे उन्हें आशीर्वाद दें। उन्हें किसी भी प्रकार का कष्ट न हो। अर्थात या तो वे देवलोक या पितृलोक में स्थित हो या पुनर्जन्न लें। वेद और पुराणों में श्राद्ध कर्म की मंत्र सहित कुछ ऐसी विधियां है, जिससे कि मृतकों का आत्मबल विकसित होता है और उनका संताप मिट जाता है। संताप मिटने से ही उन्हें प्रेत योनियों से मुक्ति मिलती है और वे सद् गति मिलने के बाद अपने लोक को गमन करते हैं। नए जन्म लेने की प्रक्रिया में आगे बढ़ जाते हैं। श्राद्ध करने से पितरों को सद् गति इसी तरह मिलती है।

ज्यो पंचंदन श्यामनारायण व्यास , पंचागकर्ता

मेष:- कार्यस्थल पर कुछ लोग आप की आलोचना करेंगे। सामाजिक कार्यों मे आपका सहयोग रहेगा। आज समय का सदुपयोग होगा। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी।

वृषभ:- बोलते कुछ और करते कुछ है। पहले खुद समझे क्या करना है। नए कारोबार में सफल होंगे। कार्यस्कल पर विवाद सम्भव है। पेट संबंधित से पीड़ित रहेंगे।


मिथुन:- आज किसी पर भी पैसों से संबंधित विश्वास न करें। धोखा होने के पुरे योग है। स्थायी संपत्ति के निर्णय लेने में जल्दबाजी न करें। व्यापार-व्यवसाय में अनुकूल अवसर मिलेंगे, लेकिन समझदारी से काम करें।


कर्क:- अपने कॅरियर पर ध्यान दें। अपनी वस्तुओं को संभालकर नहीं रखने से नुकसान की उम्मीद है। व्यापारिक नवीन योजनाओं से लाभ होगा। परिवार में मेल-जोल बढ़ेगा।

सिंह:-नया कारोबार स्थापित करने के लिए कर्ज की व्यवस्था करने में जुटे रहेंगे। कार्यस्थल पर अधिकारी वर्ग में महत्व बढ़ेगा। परिवार में चल रहे विवाद के कारण घर का त्याग करना पड़ सकता है।

कन्या:- दिन की महत्वता को समझे और अपने भविष्य के लिए निर्णय लें। क्रोध पर संयम रखें। खर्च की अधिकता रहेगी। अपने कर्मचारियों की नासमझी से मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

तुला:- अपनी जीवनशैली को बदलें। व्यापार-व्यवसाय में लाभ होगा। किसी कला जगत के प्रसिद्ध व्यक्ति से मेलजोल बढ़ेगा। मकान, वाहन के क्रय-विक्रय में धन निवेश करेंगे।

वृश्चिक:- अपनों का साथ मिलने से काम पूरा होगा। संतान की उन्नती से मन प्रसन्न रहेगा। झूठ बोलने वालो से सावधान रहें। घर परिवार में भौतिक सुख-साधनों की प्राप्ति होगी। कार्यक्षमता में वृद्धि सम्भव है।


धनु:- आज का दिन शुभ है। व्यापार में नई योजनाओं लाभ मिलेगा। अपनों से लेन-देन में सावधानी रखें। दांपत्य जीवन अनुकूल रहेगा। कार्यक्षेत्र में उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे।

मकर:- निजी जीवन में चल रहे मनमुटाव दूरियां बढ़ा सकते हैं। फालतू विवादों से दूर रहना चाहिए। समाज, परिवार में आपको महत्व मिलेगा। धर्म ग्रंथो के अध्ययन में रुचि बढ़ेगी।

कुम्भ:- सामाजिक समारोह में शामिल होंगे। आत्म विश्वास में वृद्धि होगी। दूसरों के मामलों में न पड़े आपका ही नुकसान होगा । बिना मांगे अपनी राय न दें। पिता के साथ गंभीर विषय पर चर्चा होगी। शुभ रंग हरा है।


मीन:- अपने विवेक से काम करें। आप चाहकर भी अपने मन माफिक काम नही कर पा रहे हैं। न्यायालय से जुड़े मामलो में लापरवाही बिल्कुज न करें। विद्यार्थियों के लिए समय सफलता हासिल करने का है। व्यापार-व्यवसाय में गति आएगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

ग्रह-नक्षत्र ज्योतिर्विद: पं. घनश्यामलाल स्वर्णकार

शुभ वि. सं: 2080
संवत्सर का नाम: पिङ्गल
शाके सम्वत: 1945
हिजरी सम्वत : 1445
मु.मास: रवि-उल-अव्वल- 19
अयन: दक्षिणायण
ऋ तु: शरद्
मास: आश्विन
पक्ष: कृष्ण

श्रेष्ठ चौघडिय़ा: आज सूर्योदय से प्रात: 07-52 बजे मे शुभ, पूर्वाह्न 10-48 बजे से अपराह्न 03-11 बजे तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत तथा सायं 4-38 बजे से सूर्यास्त तक शुभ के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर 11-52 बजे से दोपहर 12-39 बजे तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त हैं, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।


शुभ तिथि: सप्तमी भद्रा संज्ञक तिथि सम्पूर्ण दिवारात्रि है। सप्तमी तिथि में वाहन, सवारी, विवाहादि मांगलिक कार्य, नाचना, गाना, वस्त्र, अलंकार, यात्रा, प्रवेश आदि विषयक कार्य शुभ व सिद्ध होते हैं, पर अभी श्राद्धपक्ष में शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं।

नक्षत्र: मृगशिर ‘‘मृदु व तिङर््यंमुख’’ संज्ञक नक्षत्र सायं 07-40 बजे तक, तदन्तर आद्र्रा ‘‘तीक्ष्ण व ऊध्र्वमुख’’ संज्ञक नक्षत्र रहेगा। मृगशिर नक्षत्र में यदि समय व तिथ्यादि शुद्ध व शुभ हो तो विवाह, यज्ञोपवीत, यात्रा, देव-प्रतिष्ठा, वास्तु और कृषि सम्बन्धी कार्य शुभ होते हैं, पर अभी श्राद्ध पक्ष में शुभ व मांगलिक कार्य शुभ नहीं होते।


योग: वरियान नामक नैसर्गिक शुभ योग अंतरात 05-22 बजे तक, तदन्तर परिघ नामक नैसर्गिक अशुभ योग है। परिघ योग की पूर्वाद्र्ध घटियां शुभ कार्यों में
वर्जित हैं।


विशिष्ट योग: रवियोग नामक शक्तिशाली शुभ योग रात्रि 07-40 बजे तक है, जो तिथि, वार, नक्षत्र जन्य कुयोगों की अशुभताओं को नष्ट कर शुभकार्यारम्भ के लिए मार्ग प्रशस्त करता है।


करण : भद्रा संज्ञक विष्टि नामकरण सायं 06-08 बजे तक , तदन्तर बव-बालवादि करण क्रमश: है।


व्रतोत्सव: आज सप्तमी का श्राद्ध है

चंद्रमा: चंद्रमा प्रात: 06-59 बजे तक वृष राशि में, इसके बाद मिथुन राशि में होगा।


शुभ मुहूर्त: आज मृगशिर में प्रसूति स्नान, अन्नप्राशन, हलप्रवहण व विपणि-व्यापारारम्भ के यथाआवश्यक शुभ मुहूर्त हैं।


दिशाशूल: गुरुवार को दक्षिण दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चन्द्र स्थिति के अनुसार आज प्रात: 06-59 बजे के बाद से पश्चिम दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद है।


राहुकाल (मध्यममान से): दोपहर बाद 1-30 बजे से अपराह्न 3-00 बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारम्भ यथासम्भव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे: इनके नाम (वो, क, कि, कू, घ) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। प्रात: 06-59 बजे तक जन्मे जातकों की जन्म राशि वृष व इसके बाद जन्मे जातकों की जन्म राशि मिथुन है। वृष राशि के स्वामी शुक्र व मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं। सायं 07-40 बजे तक जन्मे जातकों का जन्म स्र्वणपाद से व इसके बाद जन्मे जातकों का जन्म रजतपाद से है। सामान्यत: ये जातक शोख तबीयत वाले, विवेकशील, कुछ अहंकारी, चंचल चित्त वाले और कुछ क्रोधी स्वभाव के होते हैं। वृष राशि वाले जातकों को लाभ के अवसरों को नहीं छोडऩा चाहिए। प्रतियोगी क्षेत्र में सफलता मिलेगी।