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जानें, कैसा होगा राजस्थान में स्पिरिच्युअल टूरिज्म

सरकार पर्यटन(Tourism) के लिहाज से अब भरतपुर (bharatpur)में ब्रज सर्किट विकसित करेगी। इसमें भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों पर सुविधाएं और पर्यटन से संबंधित काम कराए जाएंगे। दरअसल, अब सरकार प्रदेश में स्पिरिच्युअल टूरिज्म(spiritual tourism) को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। अभी 37 धार्मिक स्थलों के साथ-साथ केन्द्रीय प्रवर्तित योजना में कृष्णा सर्किट और पुष्कर (pushkar)अजमेर का विकास कार्य प्रगति पर है।

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जयपुर

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Neeru Yadav

Jul 19, 2019

जानें, कैसा होगा राजस्थान में स्पिरिच्युअल टूरिज्म

जानें, कैसा होगा राजस्थान में स्पिरिच्युअल टूरिज्म

जयपुर। सरकार पर्यटन (Tourism)के लिहाज से अब भरतपुर (bharatpur)में ब्रज सर्किट(braj circuit) विकसित करेगी। इसमें भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों पर सुविधाएं और पर्यटन से संबंधित काम कराए जाएंगे। दरअसल, अब सरकार प्रदेश में स्पिरिच्युअल टूरिज्म(spiritual tourism ) को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। अभी 37 धार्मिक स्थलों के साथ-साथ केन्द्रीय प्रवर्तित योजना में कृष्णा सर्किट और पुष्कर अजमेर का विकास कार्य प्रगति पर है। पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह (vishvendra singh)ने विधानसभा में एक सवाल के जवाब में बताया कि प्रदेश में स्पिरिच्युअल टूरिज्म को बढ़ावा देने से प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। ब्रज सर्किट को विकसित करने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए नये गाइडों के लिए क्षेत्रीय व राज्य स्तर पर पंजीकरण करने के लिए कार्रवाई की जायेगी। राज्य में पर्यटन व्यवसाय के क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से सवाई माधोपुर, धौलपुर और झालावाड़ में राज्य होटल प्रबन्धन संस्थान तथा बारां में फूड क्राफ्ट संस्थान के प्रगतिरत कार्यों का निर्माण आगामी वर्षों में पूर्ण कर क्रियाशील किया जाएगा।
पर्यटन विभाग के लिये बजट में एक सौ तीस करोड़ पांच लाख रुपए का प्रावधान किया गया है, जिससे पर्यटन की सभी गतिविधियां सुचारू रूप से क्रियान्वित की जा सकेंगी। यह निर्णय लिया गया है कि समस्त 33 जिलों मेें जिला कलेक्टर्स के माध्यम से पर्यटन विकास कार्य कराए जाएंगे ताकि जिलों के ही महत्वपूर्ण पर्यटक स्थलों पर पर्यटन दृष्टिकोण से तात्कालिक आवश्यक कार्य बिना विलम्ब के हो सकें।
इसके साथ ही लोहागढ़ दुर्ग में एक आधुनिक तकनीक के आधार पर लाईट एण्ड साउण्ड शो निर्मित करवाया जायेगा। शेखावाटी क्षेत्र की विश्व प्रसिद्ध फ्रेसकोस पेंन्टिग्सव अन्य हैरिटेज संपदा के संरक्षण के लिए शेखावाटी सर्किट, जिसमें लक्ष्मणगढ़ में नेचर पार्क विकसित करने की प्राथमिकता है। इसी कड़ी में यूनेस्को की सहभागिता से पश्चिमी राजस्थान के लोक-कलाओं का संवर्धन व प्रचार-प्रसार करने के लिए भी एक प्रस्ताव पर कार्य करने का प्रयास किया जा रहा है।

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