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TCB…एक वर्ष बाद फिर बैठक… दो साल पहले के फैसलों पर अमल नहीं

ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड के कंट्रोल में कुछ भी नहीं है। वजह, न तो राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार हुआ और न ही पैदल चलने वालों के लिए सुगम राह का इंतजाम हो पाया है। सार्वजनिक परिवहन भी सीमित दायरे में है। इस कारण निजी वाहनों की संख्या रोज बढ़ती जा रही है।

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जयपुर. ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड के कंट्रोल में कुछ भी नहीं है। वजह, न तो राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार हुआ और न ही पैदल चलने वालों के लिए सुगम राह का इंतजाम हो पाया है। सार्वजनिक परिवहन भी सीमित दायरे में है। इस कारण निजी वाहनों की संख्या रोज बढ़ती जा रही है। बोर्ड बैठक की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि करीब एक वर्ष बाद छह सितम्बर को बैठक हो रही है। पिछली दो बैठकों में जो फैसले हुए उनमें से ज्यादातर धरातल पर ही नहीं उतर पाए।

पिछली बैठक में हुआ था विवाद

-14 सितम्बर, 2022 को ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड की बैठक हुई थी। उसमें पार्किंग योजना तैयार करने से लेकर सार्वजनिक परिवहन के लिए नए मार्गों पर चर्चा हुई। इस बैठक के बाद राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संदीप वर्मा ने जेडीए की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने जेडीसी को जो पत्र भेजा था, उसमें लिखा था कि जेडीए का बड़ी परियोजनाओं पर ध्यान है, आमजन की योजनाओं से कोई सरोकार नहीं है।

जनता से जुड़े मुद्दों पर काम नहीं

ई-रिक्शा: फरवरी, 2021 में ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड की बैठक में ई-रिक्शा के रूट निर्धारित, कलर कोडिंग सिस्टम और स्टैंड विकसित करने का प्रस्ताव बना।

अभी स्थिति: अब तक न तो रूट निर्धारित हुए हैं और न ही स्टैंड विकसित हो पाए हैं। शहर में 26 हजार पंजीकृत ई-रिक्शा हैं। इनकी अत्यधिक संख्या यातायात में बाधा बन रही है।

ब्लैक स्पॉट: अक्टूबर 2020 में बोर्ड ने कमेटी का गठन किया। वर्ष 2021 में कमेटी ने रिपोर्ट सौंप दी। कमेटी ने 74 ब्लॉक स्पॉट चिह्नित किए।

अभी यह स्थिति: दो वर्ष बीत जाने के बाद जेडीए ने सभी ब्लैक स्पॉट दुरुस्त नहीं करवा पाया है। कुछ ब्लैक स्पॉट सही करा अपनी पीठ थपथपा ली है।

चर्चा के बाद कुछ नहीं

– सड़क मार्ग पर निकलने वाली रैलियां, जुलूस और प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है, लेकिन अब तक धरातल पर ट्रैफिक पुलिस ने काम शुरू नहीं किया।

-संसार चंद रोड स्थित ट्रांसपोर्टर्स को न्यू ट्रांसपोर्ट नगर, सीकर रोड भेजने की योजना सफल नहीं हो पाई। इसकी वजह से संसार चंद रोड पर जाम रहता है।

आला अधिकारी हैं कमेटी में शामिल

जेडीसी की अध्यक्षता में कमेटी बनी हुई है। जेडीसी, जयपुर मेट्रो के एमडी, ट्रांसपोर्ट कमिश्रर, पुलिस कमिश्नर, रोडवेज एमडी, कलक्टर, नगर निगम आयुक्त, स्मार्ट सिटी सीईओ सहित करीब 23 अधिकारी ओर एनजीओ इसमें भाग लेते हैं।

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