
30 फीट ऊंची एक्सप्रेस हाईवे से गिरा ट्रेलर, बड़ा हादसा टला
जयपुर। दिल्ली-अजमेर एक्सप्रेस हाईवे पर खिरणी फाटक ओवर ब्रिज के पास आधी रात को हाईवे से करीब 30 फीट ऊंचाई से रैलिंग तोड़कर एक टाइल्स के पाउडर के कट्टों से भरा ट्रेलर सर्विस लेन में गिरकर पलट गया। दुर्घटना में ट्रेलर चालक बाल-बाल बचा गया। सूचना पर करणी विहार थाना पुलिस मौके पर पहुंची। हादसे में ट्रेलर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और सड़क पर पाउडर के कट्टे बिखर गये। गनीमत रही कि हादसे के वक्त हाईवे की सर्विस लेन पर दूसरा वाहन नही आ रहा था वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
पुलिस प्रशासन की लापरवाही के चलते दिनभर दुर्घटना में क्षतिग्रस्त ट्रेलर व पाउडर से भरे कट्टे हाईवे की सर्विस लेन में बिखरे पड़े रहे। जिससे दिनभर इधर से गुजरने वाहन चालक परेशान होते रहे। इसके बाद गुरूवार दोपहर 5 बजे तीन के्रनों की सहायता से ट्रेलर को हटवाया गया। मिली जानकारी के अनुसार ट्रेलर अजीतगढ़ के हरिपुरा से टाइल्स के पाउडर कट्टे भरकर गुजरात जा रहा था बताया जा रहा है कि ट्रेलर का आगे का टायर फट गया जिससे ट्रक अनियंत्रित होकर हाईवे की करीब 25 फीट रैलिंग को तोड़ते हुए 30 फीट नीचे सर्विस लेन में गिरकर पलट गया।
नाबालिग से दुराचार के अभियुक्त को 20 वर्ष का कारावास
अजमेर. पोक्सो अदालत संख्या दो ने गुरुवार को सुनाए एक फैसले में नाबालिग से दुराचार करने के अभियुक्त हनुमान मेघवंशी को अधिकतम 20 वर्ष के कारावास व कुल 56 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। प्रकरण के तथ्यों के अनुसार 21 अगस्त 2020 को परिवादी ने जिले के एक थाने में रिपोर्ट दर्ज कर बताया कि उसकी तेरह वर्षीय भतीजी को आरोपी बहला फुसला कर ले गया है। काफी तलाश की लेकिन वह नहीं मिली। पुलिस ने इस रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी नसीराबाद के बूबानिया गांव निवासी हनुमान मेघवंशी को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ भादस तथा पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर चालान पेश किया।30 दस्तावेज व 15 गवाह
अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील विक्रम सिंह शेखावत ने 30 दस्तावेज व 15 गवाह पेश किए।सुनवाई के दौरान शेखावत ने तर्क दिया कि मेडिकल जांच में डीएनए रिपोर्ट के आधार पर अपराध साबित हुआ।केस ऑफिसर स्कीम में जांच
प्रकरण में सराना थाने के उपनिरीक्षक लक्ष्मण सिंह को केस ऑफिसर नियुक्त किया गया। अजमेर रेंज में आवाज दो अभियान के अन्तर्गत अब तक कुल 27 प्रकरणों में (02 में फांसी, 08 में आजीवन कारावास, 11 में 20 साल की सजा, 02 में 10 साल की सजा, 01 में 07 साल की सजा, 03 में 5 व 3 साल की सजा) कठोर सजा दिलाई जा चुकी है।
Published on:
10 Jun 2022 12:10 am
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