
SMC और SDMC सदस्यों के प्रशिक्षण के लिए ट्रेनिंग कैम्प
स्कूल में बच्चों को दिए जाने वाले मिड डे मील के साथ ही बाल अधिकारों , स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ी जानकारी गांव के बच्चों के साथ उनके अभिभावकों को भी मिल सके इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए शिक्षा विभाग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन करेगा। इन शिविरों में स्थानीय जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे । जानकारी के मुताबिक विभाग की ओर से एसएमसी और एसडीएमसी सदस्यों के लिए गैर आवासीय प्रशिक्षण शिविर नवंबर से जनवरी के मध्य आयोजित किए जाएंगे। शिक्षा विभाग इन प्रशिक्षण शिविरों पर तकरीबन 1618. 110 लाख रुपए खर्च करेगा। एसएमसी के प्रशिक्षण शिविर में 34556 संदर्भ व्यक्तियों को और एस डी एम सी के आवासीय प्रशिक्षण शिविर में 89046 संदर्भ व्यक्तियों को प्रशिक्षित किया जाएगा ।
क्या है एसएमसी और एसडीएमसी ?
आपको बता दें कि प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में विद्यालय प्रबंधन समिति यानी एसएमसी और विद्यालय विकास प्रबंधन समिति यानी एसडीएमसी का गठन किया जाता है स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थी के अभिभावक शिक्षक और इस कार्य क्षेत्र में निवास करने वाले जनप्रतिनिधि इसकी की साधारण सभा के सदस्य होते हैं । गठित समितियों के सदस्यों में जागरूकता पैदा करने के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के संकुल संदर्भ क्षेत्रों पर विद्यालय प्रबंधन समिति और विद्यालय विकास समिति एवं प्रबंधन समिति के सदस्यों के लिए प्रशिक्षण के प्रोग्राम आयोजित किए जाते हैं । बजट सत्र 2020 - 21 के दौरान पीईईओ , शहरी संकुल संदर्भ केंद्र पर इन दोनों समिति के सदस्यों के लिए दो दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित करवाने का प्रावधान किया गया है।
इन बातों का मिलेगा प्रशिक्षण
जानकारी के मुताबिक शिविर में समिति के सदस्यों को उनकी जिम्मेदारियों के बारे में बताया जाएगा । साथ ही उन्हें आरटीआई एक्ट के प्रावधानों , समग्र शिक्षा अभियान की विभिन्न गतिविधियों जैसे मिड डे मील, बाल अधिकारों बालसभा, हरित पाठशाला कार्यक्रम, अक्षय पेटिका , स्वैच्छिक अनुदान ,बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम , स्कूल में बच्चों की सुरक्षा ,स्वच्छ भारत मिशन, स्कूल स्तर पर शिकायत निवारण तंत्र और आपदा प्रबंधन की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही स्कूल के प्रति अपनत्व की भावना का विकास, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना , स्कूल के विकास में जनसाधारण की सहभागिता प्राप्त करने और बच्चों को जेंडर जैसे विषयों पर संवेदनशील बनाए जाने का प्रयास भी किया जाएगा
एक समिति के 6 सदस्यों को प्रशिक्षण
आपको बता दें कि एमसीएमसी की कार्यकारिणी समिति के 5 सदस्यों और एक जनप्रतिनिधि सहित प्रशिक्षण शिविर में शामिल किया जाएगा । विभाग ने ऐसे सदस्य जिन्होंने 2019-20 या इससे पहले प्रकिषण प्राप्त नहीं किया है उनको भी इसमें शामिल करने को कहा है।
समितियों के गठन के निर्देश
शिक्षा विभाग ने जिन स्कूलों में अभी तक और एसडीएमसी का गठन नहीं किया गया है वहाँ प्रबंध समिति की साधारण बैठक बुलाकर रिक्त पदों को इन समितियों का पुनर्गठन कर और नवनिर्वाचित सदस्यों को भी प्रशिक्षण में शामिल किए जाने के निर्देश दिए हैं।
Updated on:
20 Aug 2020 09:53 am
Published on:
20 Aug 2020 08:03 am
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