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ट्रोमा सेंटर में नई सुविधा, 18 बैड की आधुनिक गहन चिकित्सा इकाई बनेगी

सडक़ हादसे में गंभीर घायल की जान बचाने के लिए सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में आधुनिक गहन चिकित्सा इकाई (आइसीयू) तैयार की जा रही है। ट्रोमा सेंटर की तीसरी मंजिल पर निर्माणाधीन विश्वस्तरीय आइसीयू के लिए परिवहन विभाग की सडक़ सुरक्षा विंग के तहत अस्पताल को 9 करोड़ 80 लाख रुपए आवंटित हुए हैं...

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जयपुर

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Dinesh Saini

Jan 24, 2020

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जयपुर। सडक़ हादसे में गंभीर घायल की जान बचाने के लिए सवाई मानसिंह अस्पताल ( SMS Hospital ) के ट्रोमा सेंटर में आधुनिक गहन चिकित्सा इकाई (आइसीयू) तैयार की जा रही है। ट्रोमा सेंटर की तीसरी मंजिल पर निर्माणाधीन विश्वस्तरीय आइसीयू के लिए परिवहन विभाग की सडक़ सुरक्षा विंग के तहत अस्पताल को 9 करोड़ 80 लाख रुपए आवंटित हुए हैं। अब ट्रोमा सेंटर में आइसीयू की समस्या से छुटकारा मिल सकेगा। आने वाले दो महीने में आइसीयू बनकर तैयार होने की संभावना है। मशीनों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। एक-डेढ़ महीने में सारी मशीनें आ जाएंगी। अस्पताल अधीक्षक डॉ. डी.एस. मीणा ने बताया कि इसमें किडनी के मरीजों की डायलिसिस की अलग से व्यवस्था होगी। कई बार दुर्घटना के दौरान एचआइवी के मरीज भी आ जाते हैं। ऐसे मरीजों को अलग से रखने की व्यवस्था की जाएगी। छोटे बच्चों के लिए भी अलग से वेंटिलेटर होगा।

नहीं रहेगी शैयाओं की कमी
वर्तमान में अस्पताल के आइसीयू में 292 शैया हैं। विश्वस्तरीय आइसीयू 18 शैया का होगा। वर्तमान में ट्रोमा में दुर्घटना से घायल होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।

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घायलों को बचाने का मिलेगा प्रशिक्षण
ट्रोमा सेंटर के ग्राउंड फ्लोर पर 4 करोड़ 89 लाख रुपए की लागत से स्किल लैब तैयार हो रहा है। इसमें डॉक्टर, नर्स, छात्रों और ढाबे वालों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनको बताया जाएगा कि यदि इनके सामने दुर्घटना हो जाती है, तो किस तरह से अस्पताल लाएं। अस्पताल लाने के बाद कैसे उपचार किया जाएगा।

- आइसीयू बनने से दुर्घटना में घायल मरीजों को शैया मिल सकेगी और मृत्यु दर कम होगी। स्किल लैब से लोगों को भी घायलों को अस्पताल तक लाने की जानकारी मिलेगी। मरीजों का रास्ते में कैसे बेहतर इलाज करें, इसकी भी जानकारी दी जाएगी।
डॉ. डी.एस. मीणा, अधीक्षक, एसएमएस अस्पताल