एेसी उम्मीद उस बेटे को भी नहीं थी जो अपने लकवाग्रस्त पिता के साथ रेल में यात्रा कर रहा था। मंत्रालय को भेजे उसके एक ट्वीट ने पूरे रेलवे को सेवा मे हाजिर कर दिया। उसके पिता की सहायता के लिए स्टेशन पर स्वयं स्टेशन प्रबंधक अपने लवाजमे के साथ खड़े नजर आए।
पंकज जैन नामक यात्री 27 नवम्बर रात को यशवंतपुर- बीकानेर एक्सप्रेस में बंगलुरू से बैठे। साथ में उनके लकवाग्रस्त पिता भी थे। उन्हें मेड़ता रोड रेलवे स्टेशन पर 29 नवम्बर को सुबह छह बजे उतरना था। पंकज की समस्या यह थी कि लकवाग्रस्त पिता को मेड़ता रोड स्टेशन पर सीमित समय में कैसे उतारा जाए।
इस पर उन्होंने अपने एक मित्र की सलाह पर 28 नवम्बर को रेल मंत्रालय के ट्विटर पर अपनी पीड़ा बताई। इसके बाद रेल मंत्रालय तुरंत हरकत में आ गया।
पूरा लवाजमा सेवा में
जब पंकज अपने पिता के साथ 28 नवम्बर को रात दस बजे आबूरोड पहुंचे। तब उनके पास टीटीई आया और बताया कि उनकी समस्या के बारे में उसे रेलवे की ओर से संदेश मिला है। आप आराम से सो जाए। मेड़ता रोड आते ही आपको जगा दिया जाएगा।
मेड़ता रोड स्टेशन आने से आधे घंटे पहले टीटीई ने दोनों को जगाया। वे यह देखकर चकित रह गए कि स्टेशन पर स्टेशन अधीक्षक अमर सिंह, उनके कर्मचारी और कुली व्हीलचेयर लेकर खड़े थे। उन्होंने पिता को नीचे उतारने के साथ ही सामान उतारने में उनकी मदद की।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी तरुण जैन ने बताया कि यात्री की समस्या की जानकारी मिली, उसके तुरंत बाद रेलवे अधिकारियों ने यात्री की पूरी मदद की और उसे स्टेशन के बाहर तक विदा किया।