
नशे के काले कारोबार पर नहीं कस पा रहा शिकंजा, युवा हो रहे शिकार
जयपुर
अक्सर आपने फिल्मों में देखा होगा कि ड्रग्स माफिया अपनी ड्रग्स बेचने वाले लड़कों से किस तरह से पेश आते हैं। वो अलग माल बेचने से मना करते हैं तो या तो उन्हें मार दिया जाता है या फिर इतना परेशान किया जाता है कि वे सुसाइड़ कर लेते हैं। लेकिन रील लाइफ ही नहीं अब रीयल लाइफ में भी ऐसा ही हुआ है। इसी तरह का मामला जयपुर में सामने आया है। जवान बेटे को खोने के बाद रोती बिलखती पुलिस के पास पहुंची मां की शिकायत पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ सुसाइड़ के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है। मामले की जांच शा़स्त्री नगर थाना पुलिस कर रही है।
पूरे घटनाक्रम के बारे में शास्त्री नगर पुलिस ने बताया कि कोर्ट की दखल के बाद केस दर्ज किया गया है। इलाके मंे एक काॅलोनी में रहने वाली आशा देवी ने अपने बेटे रितिक की मौत के बाद कुछ लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। उनमें जानकी लाल ए कपिल और बलवीर नाम के व्यक्ति हैं। पुलिस ने बताया कि करीब दो महीने पहले उसके बड़े बेटे रितिक ने फांसी लगा ली थी।
मां आशा देवी ने बताया कि बेटा नशा बेचता था और साथ ही नशा भी करता था। कई बार उसे ऐसा करने से टोका तो उसने कहा कि अगर वह माल बेचने से इंकार कर देगा तो माफिया के लोग उसे मार देंगे। लेकिन मां ने बेटे को अच्छा जीवन जीने के लिए प्रेरित किया और बुरे काम छोड़ने की हिम्मत करने को कहा। मां से संबल लेकर बेटे ने अपराध का रास्ता छोड़ने की तैयारी की लेकिन बाद में उसकी लाश उसके कमरे में लटकी मिली। मरने से कुछ घंटों पहले ही उसने मां को कहा था कि वे लोग उसे जिंदा नहीं छोड़ेंगे। ऐसा ही हुआ।
उस समय पुलिस ने मामूली कार्रवाई करने के बाद केस बंद कर दिया। लेकिन मां अपने बेटे के लिए कोर्ट तक पहुंची और अब कोर्ट की दखल के बाद केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि आशा देवी का आरोप है कि काॅलोनी और आसपास के कई अन्य मौहल्लों में किशोर वर्ग के बच्चों को ड्रग्स माफिया रुपयों का लालच देकर इस धंधे में शामिल कर रहे हैं। उधर इस पूरे मामले में पुलिस अफसरों का कहना है कि आरोप बहुत गंभीर हैं। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
Published on:
19 Jan 2023 01:49 pm

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