
जनजाति उपयोजना क्षेत्र (टीएसपी) में सरकारी नौकरी पर स्थानांतरण के आवेदन लेने की 30 जून की अंतिम तारीख बीत गई है। अब तक 12 प्रमुख सरकारी विभागों के लगभग 1 हजार पदों पर सरकारी कार्मिकों ने टीएसपी एरिया में जाकर नौकरी करने की इच्छा जताई है जबकि टीएसपी से बाहर जाकर नौकरी करने वालों की फौज तीन हजार कार्मिकों की है। ऐसे में माना जा रहा है कि कहीं टीएसपी का दामन खाली नहीं रह जाए। एेसे में सरकार को 10 हजार 981 रिक्त पदों पर नई भर्ती करने का बड़ा निर्णय भी करना पड़ सकता है। राज्य सरकार ने टीएसपी में आदिवासियों को सरकारी सेवाओं का समुचित लाभ, क्षेत्र का सर्वांगीण विकास हो सके, इसके लिए टीएसपी में नौकरी के हाल ही विशेष सेवा नियम बनाकर उनको लागू किया। सरकार ने टीएसपी के मामले में विशेषकर स्थानांतरण का प्रतिबंध खोलकर नान टीएसपी से टीएसपी में आने और टीएसपी से बाहर जाने वाले कार्मिकों से विकल्प पत्र भरकर देने को कहा था। जिसके तहत स्थानांतरण करने के लिए विभागों को 30 जून तक की मोहलत दी थी। आयुक्तालय को मंगलवार तक मिली रिपोर्ट के अनुसार टीएसपी के उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ जिलों और सिरोही की आबूरोड पंचायत समिति से बाहर जाकर काम करने वाले 3 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं। टीएसपी में आकर विशेष सर्विस रूल्स का लाभ उठाकर काम करने के एक हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं।
फिलहाल स्थानांतरणों की संख्या कम आई है लेकिन सभी जगह से पूरी रिपोर्ट आने के बाद तस्वीर साफ हो सकेगी।
भवानीसिंह देथा, आयुक्त, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग, उदयपुर
