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तुलसी का अणु, खत्म करेगा स्तन कैंसर का परमाणु

राजस्थान में कैंसर मरीजों के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है। तुलसी पौधे में एक ऐसा तत्व पाया गया है जो न केवल कैंसर कोशिका तक पहुंच प्रकिया रोक देगा बल्कि उसे धीरे धीरे खत्म भी कर देगा। गौरतलब है कि भारत में हर साल 20 लाख और राजस्थान में एक लाख कैंसर रोगी हर साल जुड़ रहे हैं। सबसे ज्यादा ही 40% मरीज प्रदेश की राजधानी जयपुर से ही आ रहे हैं।

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मैं तुलसी तेरे आंगन की...। यह केवल अब गीत नहीं बल्कि कैंसर से बचने के लिए सबसे उम्दा उपाय भी है। राजस्थान में कैंसर मरीजों के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है। तुलसी पौधे में एक ऐसा तत्व पाया गया है जो न केवल कैंसर कोशिका तक पहुंच प्रकिया रोक देगा बल्कि उसे धीरे धीरे खत्म भी कर देगा। गौरतलब है कि भारत में हर साल 20 लाख और राजस्थान में एक लाख कैंसर रोगी हर साल जुड़ रहे हैं। सबसे ज्यादा ही 40% मरीज प्रदेश की राजधानी जयपुर से ही आ रहे हैं। कैंसर जागरूकता की कमी के चलते इन रोगियों की पहचान,इलाज और जान बचाना और मुश्किल होता जा रहा है। शहर में बदली हुए दिनचर्या सबसे ज्यादा परेशानी पैदा कर रही है।

कैंसर से बचाएगी तुलसी

तमिलनाडू के तिरूचि में हुए एक शोध में तुलसी को कैंसर रोधी पाया गया है। भारतीय शोधार्थी की इस खेज को पेंटेंट दिया है। सेंट जोसेफ कॉलेज के डॉ सेंथिल कुमार के मार्ग दर्शन में शोधार्थी आशा मोनिको ने इस अणु की पहचान की है। भारतीय चिकित्सा में रचे बसे तुलसी के पौधे में एक चमत्काारिक तत्व की पहचान हुई है।

स्तन कैंसर पर प्रभावी रहा तुलसी अणु

वनस्पति विभाग के डॉ सेंथिल कुमार ने बताया कि उन्होंने तुलसी के पौधे से एक बेहद प्रभावी अणु की पहचान कर उसके निकाला। इसके बाद उसे स्तान कैंसर कोशिका तक पहुंचाया गया। इस शोध के दौरान पाया गया कि अणु ने स्तन कैंसर कोशिका के विकास को रोक दिया। यह देश के लिए बहुत बड़ी सफलता है।

सुलभ और सस्ती होगी तुलसी दवा
शोधार्थी आशा मोनिका ने शोध की जानकारी देते हुए बताया किया कि वह तमिलनाडु में ही उगाए गए तुलसी के पौधों से अणु एकत्र करके उनका और विश्लेषण कर रही हैं। कई बार यही अणु कई अन्य जगहों से लेने पर परिणाम और भी बेहतर देते हैं। आशा है कि इससे कैंसर की सस्ती दवा उत्पादन में मदद मिलेगी।


राजस्थान में सबसे ज्यादा ओरल कैंसर

राजस्थान में कैंसर तेजी से अपने पैर पसार रहा है। इनमें सबसे ज्यादा करीब 50% मरीज ओरल कैंसर (मुंह, गले और खाने की नली), लंग्स, ब्रेस्ट और बच्चेदानी के कैंसर से जुड़े मामले होते हैं। कैंसर की चपेट में आने वालों में पुरुषों से ज्यादा महिला मरीज हैं।

स्तन कैंसर सबसे सामान्य
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक स्तन कैंसर अब सबसे सामानय कैंसर बन गया है। यह महिला और पुरूषों दोनों में ही हो रहा है। 20 साल पहले तक फेफड़े का कैंसर सबसे आम था, लेकिन अब यह दूसरे पायदान पर है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के कैंसर एक्सपर्ट आन्द्रे इलबावी कहते हैं 2020 में स्तन कैंसर के दुनिया में 23 लाख मामले सामने आए जो कुल मामलों का 12 फीसदी है। सबसे ज्यादा महिलाओं में स्तन कैंसर पाया जा रहा है। तीसरे पायदान पर कोलोरेक्टल कैंसर है


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