
अरविन्द सिंह शक्तावत / जयपुर। दो दिन पहले यह टेक्नोहब ( Techno Hub Jaipur ) को लेकर सीएम अशोक गहलोत ( CM Ashok Gehlot ) और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ( Vasundhara Raje ) के बीच हुए ट्विटर वार ( Twitter War ) के बाद एक बार फिर यह मामला सुर्खियों में है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने एक बार फिर मंगलवार को ट्वीट कर इशारों इशारों में ही सरकार को सलाह दे डाली कि टेक्नोहब का सही उपयोग किया जाए तो यह स्टार्टअप में काफी मददगार हो सकता है।
राजे ने ट्वीट किया कि भाजपा सरकार ने जयपुर में अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी से लैस टेक्नोहब स्थापित किया है, लो ना सिर्फ राजस्थान बल्कि भारत के इतिहास में पहली बार है। यहां करीब 700 से ज्यादा उद्यमी एक साथ बैठकर आईटी की बारिकियों को समझते हुए स्टार्टअप का विस्तार कर सकते हैं। कुछ दिनों पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने टेक्नोहब को अच्छा काम बताया था।
ऐसे हुई थी शुरुआत
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने शनिवार को भामाशाह टेक्नोहब ( Bhamashan Techno Hub Jaipur ) और डेटा सेंटर के दौरे के बाद इसे क्रांतिकारी कदम बताया था। राजे ने ट्वीट कर धन्यवाद देते हुए गहलोत से उम्मीद जताई थी कि वह इस काम को जारी रखेंगे। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने लिखा, अच्छा है कि वसुंधरा राजे ने हमें धन्यवाद दिया, लेकिन बेहतर होता कि सीएम के रूप में रिफाइनरी को लेकर वह उसी भावना से काम करतीं, जैसा हम टेक्नोहब को लेकर कर रहे हैं। राजे को बड़ा दिल रखते हुए रिफाइनरी को आगे बढ़ाना चाहिए था।
टेक्नोहब से शुरू विवाद रिफाइनरी पर पहुंचा
मुख्यमंत्री गहलोत और पूर्व सीएम राजे के बीच भामाशाह टेक्नोहब से शुरू हुआ ट्विटर वार रविवार को रिफाइनरी ( Refinery ) पर पहुंच गया। गहलोत ने रविवार शाम को तीन ट्वीट किए और राजे को धन्यवाद देते हुए लिखा कि यदि राजे मुख्यमंत्री रहते उनकी तरह काम करतीं तो रिफाइनरी चालू हो गई होती। रात को राजे ने खुद के एक दिन पुराने ट्वीट को रिट्वीट किया कि कांग्रेस ने रिफाइनरी का पत्थर लगाकर छोड़ दिया। कागजी कार्रवाई करना मुनासिब नहीं समझा।
Published on:
03 Sept 2019 09:13 pm
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