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जयपुर। छात्र संघ चुनाव में एनएसयूआई की करारी हार के बाद कांग्रेस में भी बयानबाजी और वार-पलटवार का दौर शुरू हो चुका है। पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट की ओर से छात्र संघ चुनाव में एनएसयूआई की हार पर सवाल खड़े करने के बाद अब इस मामले में सचिन पायलट कैंप और गहलोत कैंप से जुड़े नेताओं के बीच जमकर ट्विटर वॉर हो रहा है, दोनों गुट से जुड़े नेता एक-दूसरे के खिलाफ जमकर शब्द बाण चला रहे हैं।
दोनों खेमों के नेताओं के बीच ट्विटर पर चल रही लड़ाई आने वाले दिनों में कोई बड़ा मोड़ ले सकती है तो वहीं नेताओं के बीच जारी बयानबाजी ने पार्टी में एकजुटता के दावे की पोल खोल कर रख दी है। शुक्रवार को गहलोत खेमे से जुड़े एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष अभिषेक चौधरी, सीएम गहलोत के नजदीकी माने जाने वाले विधायक संयम लोढ़ा, सचिन पायलट के कैंप के अभिमन्यु पूनिया और अनिल चोपड़ा के बीच जमकर ट्विटर वॉर हुआ।
दिलचस्प बात तो यह है कि इस लड़ाई में कांग्रेस की युवा विधायक दिव्या मदेरणा ने भी एंट्री करते हुए एनएसयूआई की हार पर सवाल खड़े करने के साथ ही एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष अभिषेक चौधरी को जयचंद तक करार दे दिया।
अभिषेक चौधरी ने ट्विटर पर की जंग की शुरुआत
दरअसल सबसे पहले एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष अभिषेक चौधरी ने ट्वीट करते हुए कहा था कि "एनएसयूआई का प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते में इन चुनावों के परिणाम की पूर्ण जिम्मेदारी लेता हूं, हम फिर खड़े होंगे फिर लड़ेंगे लेकिन एक बात केवल यह कहना चाहता हूं भितरघात का कोई समाधान नहीं है, विभीषण-जयचंद का कोई समाधान नहीं है।
पृथ्वीराज भी तेराइन लड़े और फिर गोरी छल करके जीते लेकिन अब इन जयचंदों युवा जो कांग्रेस की विचारधारा से अपने आप को आलंगित करता हैं, माफ़ नहीं करेगा।इस पर निर्दलीय विधायक और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सलाहकार संयम लोढ़ा ने भी ट्वीट करते हुए अभिषेक चौधरी की बात का समर्थन किया और लिखा कि चिरकुट मंडली तो जयचंद के ऊपर मरी जा रही है, भाई इनाम पा गए"।
संयम लोढ़ा के ट्वीट के बाद सचिन पायलट खेमे के माने जाने वाले एनएसयूआई के पूर्व अध्यक्ष अभिमन्यु पूनियाऔर अनिल चोपड़ा भी ट्विटर पर अभिषेक चौधरी और संयम लोढ़ा से भिड़ गए। अभिमन्यु पूनिया ने ट्वीट करते हुए लिखा कि "जिन्होंने एनएसयूआई व कांग्रेस को अपने जीवन में हमेशा हराने में कमजोर करने का काम किया है वो आज कांग्रेस के मजबूत युवा कार्यकर्ताओं को ज्ञान पेल रहे हैं, राजस्थान विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और सचिन पायलट खेमे के माने जाने वाले अनिल चोपड़ा ने भी संयम लोढ़ा को ट्विटर पर टैग करते हुए लिखा कि "हमारी लड़ाई तो तूफानों से है यह लहरें बेवजह ही शोर मचा रहीं हैं"। लेकिन इसके बाद भी दोनों खेमों के नेताओं के बीच जमकर ट्विटर वॉर होता रहा।
दिव्या मदेरणा ने अभिषेक चौधरी पर साधा निशाना
एनएसयूआई की हार पर गहलोत-पायलट कैंप के नेताओं के बीच चल रहे ट्विटर वॉर में कांग्रेस विधायक दिव्या मदेरणा ने भी एंट्री करते हुए भी एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष अभिषेक चौधरी पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि "माशा अल्लाह क्या कमाल बोल हैं, शून्य पर आउट होने को शानदार प्रदर्शन करने वाले यह पहले व अंतिम व्यक्ति होंगे, वैसे राजस्थान विश्वविद्यालय में सन् 2014 में एनएसयूआई के विभीषण और जयचंद कौन था" ।
दरअसल 2014 में अभिषेक चौधरी ने एनएसयूआई से बागी होकर राजस्थान विश्वविद्याललय छात्र संघ का निर्दलीय चुनाव लड़ा था और उस वक्त अनिल चोपड़ा एनएसयूआई के सिंबल पर राजस्थान विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष बने थे। गौरतलब है कि इस बार प्रदेश में हुए छात्र संघ चुनाव में एनएसयूआई का सूपड़ा साफ हो गया है। किसी विश्वविद्यालय में अध्यक्ष पदों पर एनएसयूआई के प्रत्याशी चुनाव नहीं जीत पाए, राजस्थान विश्वविद्यालय में भी एनएसयूआई के प्रत्याशियों की करारी हार हुई थी।
वीडियो देखेंः- बढ़ रहे अपराधों पर गहलोत ने दिया बड़ा बयान
Updated on:
03 Sept 2022 11:46 am
Published on:
03 Sept 2022 11:45 am
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