
कार रोककर फायरिंग करने वाला दो हजार रुपए का ईनामी बदमाश गिरफ्तार
भांकरोटा थाना पुलिस ने तीन साल पहले पेट्रोल पंप मालिक की कार रोककर फायरिंग करने के मामले में दो हजार रुपए के ईनामी बदमाश को दबोच लिया। पुलिस ने तीन साल से फरार चल रहे आरोपी को गाजियाबाद उ.प्र से गिरफ्तार किया हैं।
डीसीपी (पश्चिम) ऋचा तोमर ने बताया कि 26 अगस्त को बिन्दायका पेट्रोल पंप के मालिक की कार को रोककर देशी कट्टे से फायरिंग कर आठ लाख बाइस हजार रुपए और दस्तावेजों से भरा बैग लूट कर ले गए थे। घटना का मुख्य आरोपी प्रवीण कुमार तथा अन्य आरोपी प्रतीक उर्फ शिवम, केदार कुमार, हिमांशु, आनन्द सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। घटना के मुख्य सूत्रधार प्रवीण कुमार ने वारदात को अंजाम देने के लिए अपने साथियों को अलीगढ़, बुलन्दशहर उ.प्र से बुलाकर पीड़ित के पेट्रोल पंप पर बैठकर अपने भानजे और साथियों के साथ रैकी की तथा घटना के दिन भी परिवादी पीड़ित पक्ष के पेट्रोल पंप बिन्दायका पर आरोपियों ने बैठकर पेट्रोल पम्प के कलेक्शन को बैंक में जमा करवाने के लिए पेट्रोल पंप के मालिक और उसके बेटे को जाते हुए बिदायका से हाथोज मोड की ओर रास्ते पर बाइक लगाकर रोक लिया। कार के बोनट पर देशी कट्टे से फायरिंग कर परिवादी और उसके बेटे को डरा धमकाकर कार में रखे रुपयों और दस्तावेजों से भरे बैग को लूटकर ले गए थे।बदमाशों की तलाश में तत्कालीन थानाधिकारी आरोपी औरंगाबाद बुलन्दशहर निवासी प्रवीण कुमार और उसके भानजे हिमांशु और एक किशोर तथा आनन्द सिंह को गिरप्तार कर लूट की राशि और दस्तावेज बरामद किए थे। वारदात को अंजाम देने वाले प्रवीण कुमार ने घटना करने के बाद अपने गांव में जाकर लूट की राशि डेढ़ लाख रुपए अपने बड़े भाई गुलविन्दर को दे दिए। गुल्लू लूट की राशि कर लेकर फरार हो गया था। वारदात में शामिल केदार कुमार, प्रतीक उर्फ शिवम तथा दीपक उर्फ दीपू अपने गिरफ्तारी के भय से फरार हो गए थे। पुलिस ने फरार चल रहे प्रतीक उर्फ शिवम और केदार की तलाश कर उसे गिरफ्तार कर अदालत मं पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि फरार आरोपी गुलबिन्दर उर्फ गुल्लू लूट, डकैती जैसे गंभीर प्रवृत्ति के अपराधों का आदतन अपराधी है। पुलिस की टीम जब उसके घऱ जाती तो वह फरार हो जाता था। पुलिस ने औरंगाबाद बुलन्दशहर निवासी गुलबिन्दर उर्फ गुल्लू (38) को गाजियाबाद उ.प्र से गिरफ्तार कर लिया। इस पूरे मामले में थानाधिकारी रविन्द्र प्रताप सिंह, हैड कांस्टेबल मुकेश चतुर्वेदी और कांस्टेबल विजय कुमार, अर्जुनलाल और कैलाश चंद ने प्रभावी भूमिका निभाई।
Published on:
03 Jun 2022 08:00 pm
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