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जयपुर। प्रदेश में सरकारी स्कूलों में प्रवेश के लिए टीसी की बाध्यता नहीं रखने के पैटर्न को गुरुवार को दिल्ली सरकार ने अपना लिया, लेकिन राजस्थान में सरकार खुद ही अपने फैसले से पीछे हट रही है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने वहां सरकारी स्कूलों में प्रवेश के लिए बच्चों को टीसी लाने को बाध्य नहीं करने का निर्देश दिया है। दिल्ली सरकार ने निजी स्कूलों के छात्रों को टीसी के लिए परेशान करने पर आवश्यक कार्रवाई के लिए भी कहा है।
टीसी के मामले में निजी स्कूलों के दबाव में राजस्थान में सरकार ने यू—टर्न लिया। पहले बिना टीसी अस्थाई प्रवेश के आदेश जारी किए, लेकिन अब निर्धारित समय में टीसी लाने की बाध्यता की है। हालांकि अभी इसके आदेश जारी नहीं किए हैं। लेकिन यू टर्न लेने से फीस के कारण या स्कूल बंद होने से निजी स्कूल छोड़ रहे करीब तीन लाख बच्चों के सामने संकट खड़ा हो गया है।
शिक्षा मंत्री बोले— टीसी जरूरी नहीं की तो दो जगह होगा नामांकन
शिक्षा मंत्री गोविंद डोटासरा ने कहा है कि हमने बच्चों के प्रवेश के लिए टीसी की बाध्यता नहीं रखी है। बच्चों को ड्राप आउट से बचाने के लिए बिना टीसी अस्थाई प्रवेश दे रहे हैं। लेकिन बाद में टीसी देनी होगी। अगर ऐसा नहीं किया गया तो बच्चों के नामांकन दो—दो जगह रहेंगे। बच्चा कहीं भी इधर—उधर प्रवेश ले सकता है। बच्चों को पढ़ाई से वंचित नहीं किया जाएगा।
निजी स्कूलों का विरोध : सरकारी खुले तो हम भी स्कूल खोलेंगे
राजस्थान में सरकारी स्कूलों के खुलने के वीडियो वायरल होने के बाद निजी स्कूल संचालकों ने शुक्रवार से स्कूल खोलने की चेतावनी दी है। स्कूल शिक्षा परिवार समिति के अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि जहां सरकारी स्कूल खुले हैं, वहां निजी स्कूल खोलेंगे। दूसरे दिन गुरुवार को भी प्रदेश में सरकारी स्कूल खुलने के वीडियो वायरल हुए। इधर, जयपुर में सरकारी स्कूल खुलने के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने बस्सी सीबीईओ से रिपोर्ट मांगी है।
Published on:
16 Jul 2021 02:15 am
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