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यूडी टैक्स वसूली में शहरी सरकारों की मनमानी…आम आदमी की कुर्की, बड़े बकाएदारों पर चुप्पी

-जयपुर एयरपोर्ट पर 19 करोड़ से अधिक है बकाया, निगम नहीं कर पा रहा वसूल-लोगों को भेजे जा रहे नोटिस, व्यापारियों की हो रही कुर्की

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यूडी टैक्स वसूली में शहरी सरकारों की मनमानी...आम आदमी की कुर्की, बड़े बकाएदारों पर चुप्पी

यूडी टैक्स वसूली में शहरी सरकारों की मनमानी...आम आदमी की कुर्की, बड़े बकाएदारों पर चुप्पी

जयपुर. नगरीय विकास कर (UD Tax) वसूली में शहरी सरकारों (Greater and heritage nagar nigam Jaipur) का दोहरा रवैया देखने को मिल रहा है। आलम यह है कि आम आदमी और व्यापारियों को डर दिखाकर वसूली की जा रही है। घरों पर नोटिस चस्पा किए जा रहे हैं और व्यापारियों की कुर्की तक हो रही है। जबकि, बड़े बकाएदारों के सामने शहरी सरकारों के जिम्मेदार अधिकारी बौने नजर आ रहे हैं। इनमें सरकारी महकमे भी शामिल हैं। तभी तो ग्रेटर नगर निगम में 80 करोड़ रुपए से अधिक बकाया सरकारी महकमों पर ही है। वहीं, हैरिटेज नगर निगम में सरकारी और अर्द्ध सरकारी महकमों पर 28 करोड़ रुपए से अधिक बकाया चल रहा है। यदि यह रकम निगम के खजाने में जमा हो जाए तो इससे निगम अपने वार्ड में विकास कार्य करा सके। ग्रेटर में 50 करोड़ और हैरिटेज निगम में अब तक 30 करोड़ का नगरीय विकास कर ही वसूल हो पाया है।


किस पर कितना बकाया

ग्रेटर निगम:
एयरपोर्ट अथॉरिटी- 19.17 करोड़

जेडीए- 9.44 करोड़

सवाई मानसिंह स्टेडियम- 7.38 करोड़

राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन- 6.77 करोड़

फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया- 4.54 करोड़

जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड- 4.12 करोड़


हैरिटेज निगम:

आरटीडीसी: 9.85 करोड़

राजस्थान राज्य विद्युत प्रसार निगम लिमिटेड: 2.47 करोड़

जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड: 1.70 करोड़

रोडवेज: 56 लाख रुपए

हमारे अधिकारी प्रयास कर रहे हैं। कुछ बड़े बकाएदारों ने पैसा भी जमा करवाया है। कुछ से बातचीत चल रही है। उम्मीद है कि इस वित्तीय वर्ष के अंत तक राजस्व और बढ़ेगा।
-महेंद्र सोनी, आयुक्त

बड़े बकाएदारों से वसूली के लिए मुख्यालय स्तर पर टास्क फोर्स गठित की है। टीम लगातार सम्पर्क करती है। कुछ सरकारी विभागों से पैसा भी मिला है। कुछ से बात चल रही है।

-विश्राम मीणा, आयुक्त