
जयपुर। पिछले साल नवम्बर में नाहरगढ़ की पहाड़ी पर लटके मिले चेतन कुमार की मौत की अनसुलझी गुत्थी की तरह ही अब उदयपुर में एक महिला पार्षद गरिमा पठान का पानी की टंकी में मिला शव पुलिस की परेशानी बढ़ा सकता है।
गरिमा का शव पानी की टंकी में डेढ़ फीट पानी में मिला है हांलाकि पानी से पुलिस ने नींद की गोलियां भी बरामद की हैं। लेकिन नींद की गोलियां खाकर, पानी की तंग टंकी की उतरकर मरने तक इंतजार करना पुलिस और परिवार समेत पूरे क्षेत्र के लिए सवाल खड़े कर रहा है।
अब उदयपुर पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कराने के लिए फोरेसिंक टीम और अन्य जांच एजेंसियों की मदद ले रही है। हांलाकि बड़ी बात यह है कि पुलिस इस केस को भी आत्महत्या मानकर ही जांच कर रही है।
वार्ड 46 की भाजपा पार्षद गरिमा पठान बुधवार रात पानी की टंकी में मृत हालत में मिली थी। गरिता की मौत पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं, परिजनों का कहना है कि सुसाइड़ करने जैसा कोइ कारण गरिमा के पास नहीं था। कथित सुसाइड़ से पहले उसने बच्चों के साथ हंसी खुशी समय गुजरा था और उनकी पढ़ाई में मदद भी की थी।
साथ ही पति से भी सामान्य बातचीत की थी। गरिमा को नींद की गोलियों की आदत भी नहीं थी। न ही उसका परिवार या अन्य किसी व्यक्ति से कोई विवाद था। सबसे बड़ी बात पानी की टंकी मे उतरने की है। इन सभी सवालों के जवाब पुलिस फिलहाल नहीं दे पा रही है।
चेतन सैनी की मौत के बाद भी हुआ था बवाल
जयपुर में चेतन सैनी की मौत के बाद भी बवाल हुआ था। सैनी का शव पहाड़ी से लटका मिला था। परिजन हत्या करने का दावा कर रहे थे लेकिन पुलिस इसे आत्महत्या मान रही थी।
परिजनों और अन्य लोगों ने मोर्चे निकाले, विरोध दर्ज कराया लेकिन उसके बाद भी पुलिस ठस से मस नहीं हुई। पुलिस ने इस मामले को सुसाइड मानते हुए बंद कर दिया। हांलाकि आज भी चेतन सैनी के परिजन इसे हत्या मान रहे हैं।
Updated on:
16 Mar 2018 12:14 pm
Published on:
16 Mar 2018 12:06 pm
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