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ऊर्जा मंत्री कल्ला के पास पहुंचे यूडीएच मंत्री धारीवाल

कोटा थर्मल पॉवर प्लांट की दो यूनिट बंद होने से रोकने के लिए पहुंचे

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ऊर्जा मंत्री कल्ला के पास पहुंचे यूडीएच मंत्री धारीवाल

ऊर्जा मंत्री कल्ला के पास पहुंचे यूडीएच मंत्री धारीवाल

भवनेश गुप्ता
जयपुर। कोटा थर्मल पॉवर स्टेशन की दो यूनिट (यूनिट 1 व 2) बंद करने की प्रशासनिक कवायद के बीच सियासी दखल हो गया है। नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल दोनों यूनिट को फिलहाल बंद नहीं करने और अन्य वैकल्पिक व्यवस्था करने की जरूरत जताई है। इस मामले में धारीवाल ऊर्जा मंत्री बी.डी. कल्ला से सोमवार को विद्युत भवन में मिले। इसके बाद उर्जा मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को अन्य विकल्पों पर विचार करने के निर्देश दिए। सूत्रों के मुताबिक धारीवाल ने तर्क दिया कि दोनों यूनिट को दिसम्बर 2022 तक पर्यावरण स्वीकृति मिली हुई। ऐसे में पर्यावरण दृष्टि से भी दिक्कत नहीं होनी चाहिए। इस तिथि के बाद दिक्कत हो तो वहां सोलर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादन किया जा सकता है। दोनों यूनिट की बिजली उत्पादन 220 मेगावॉट है।

सरकार को भेज चुके प्रस्ताव
राज्य विद्युत उत्पादन निगम दोनों यूनिट बंद करने का प्रस्ताव सरकार को भेज चुका है। इसके पीछे महंगी बिजली उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण मुख्य कारण है।विद्युत मंत्रालय की ओर से 25 साल से पुराने अनुबंध को रद्द करने की छूट का भी हवाला दिया गया है। कई मामलों में 25 साल पुराने प्लांट मामलों में महंगी बिजली खरीद अनुबंध को लगातार बढ़ाकर जनता और प्रकृति दोनों बोझ बढ़ाते रहे हैं।

इस जमीन पर लगेंगे उपकरण
पर्यावरण मंत्रालय और केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण ने थर्मल पॉवर प्लांट से हो रहे प्रदूषण को रोकने के लिए अत्याधुनिक उपकरण लगाने के निर्देश दे रखे हैं। इन दोनों यूनिट की खाली जमीन पर ऐसे बड़े उपकरण लगाए जाना है।

भंवर में निगम : 1 यूनिट बिजली बनाने में 700 ग्राम कोयल की जरूरत होती है सामान्य थर्मल पावर प्लांट में, लेकिन कोटा थर्मल की इन दोनों यूनिट में 750 ग्राम कोयले की खपत हो रही है। इससे पर्यावरण प्रदूषण ज्यादा फैल रहा है।

कौनसी यूनिट कितनी पुरानी
यूनिट 1 — वर्ष 1983
यूनिट 2 — वर्ष 1984

-यूडीएच मंत्री ने दोनों यूनिट को बंद नहीं करने का आग्रह किया है। अफसरों को दूसरे विकल्प तलाशने के लिए कहा है। उसके आधार पर ही निर्णय करेंगे। -बी.डी. कल्ला, ऊर्जा मंत्री

-यूनिट संचालन के लिए दिसम्बर 2022 तक पर्यावरण क्लीयरेंस है। यह गजट नोटिफिकेशन में भी अंकित है। इन यूनिटों से बड़े स्तर पर लोग रोजगार से जुड़े हुए हैं। ऊर्जा मंत्री ने आश्वस्त किया है कि अगले वर्ष दिसम्बर तक यूनिट बंद नहीं होगी। इसके बाद दोबारा पर्यावरण क्लीयरेंस के लिए आवेदन करेंगे। -शांति धारीवाल, नगरीय विकास मंत्री