जोधपुर. केंद्र सरकार की उज्ज्वला गैस योजना के बाद राज्य सरकार की ओर से 500 रुपए में घरेलू गैस सिलेंडर योजना लागू करने के बाद रसोईघर में अब महिलाओं को आत्मविश्वास लौटने लगा है। विशेषकर ग्रामीण तबके की महिलाओं के लिए दोनों ही सरकारों का यह बड़ा कदम है। गांवों की चूल्हों को फूंक देने वाली धोंकणी अब गायब होने लगी है। जोधपुर में 3 लाख से अधिक उज्ज्वला योजना के लाभार्थी है वहीं महंगाई राहत कैंप में 500 रुपए का सिलेंडर लेने के लिए भी एक लाख से अधिक महिलाओं ने पंजीयन करवा लिया है और लगातार पंजीयन जारी है।
राजस्थान पत्रिका ने इस कड़ी में केंद्र सरकार की उज्ज्वला और राज्य सरकार की 500 रुपए में गैस सिलेंडर योजना का जनता से रिपोर्ट कार्ड लिया। रिपोर्टर जोधपुर संभाग के जोधपुर ग्रामीण व फलोदी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचे।
उज्ज्वला गैस योजना
मकसद –
रसोई का काम करने वाली महिलाओं को लकड़ी और सूखे गोबर से जलने वाले चूल्हों के कारण होने वाले धुएं व अन्य परेशानियों से निजात दिलाना।
हकीकत –
शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में कई परिवार इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। भोपालगढ़ क्षेत्र में कई परिवार इस योजना से सिलेंडर लेकर अपनी रोटी पका रहे हैं। कुछ ऐसे भी है जिनकी आय इतनी कम है कि पैसे अधिक लगने के कारण दोबारा सिलेंडर ही नहीं भरवाए हैं।
धुंए से नहीं होती आंखें खराब
भोपालगढ़ निवासी कमादेवी गोदारा ने बताया कि पहले लकडि़यों से चूल्हा जलाते थे तो धुंए से आंखें खराब होती थी, लेकिन गैस कनेक्शन मिलने के बाद इस समस्या से निजात मिली है। ग्वालों के बास की गुलाबी ने बताया कि गैस कनेक्शन लेने से पहले हर रोज सुबह-शाम का खाना एवं पशुओं के लिए बंटा बनाने के लिए रोज ईंधन का जुगाड़ करने खेत जाना पड़ता था। अब गैस सिलेंडर मिलने से यह समस्या नहीं रही।
रजलानी की गोमती का कहना है कि केंद्र सरकार की इस योजना से गैस कनेक्शन तो मिल गया, लेकिन सिलेंडर की कीमत अभी भी अधिक होने से दोबारा सिलेंडर रिफिल करना मुश्किल रहता है। ऐसे में रसोई में लकड़ी वाला चूल्हा ही प्रयुक्त कर रहे हैं।
राज्य सरकार की 500 रुपए में गैस सिलेंडर की योजना
मकसद –
उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को सस्ते दर पर रसोई गैस के सिलेंडर उपलब्ध करवाना।
हकीकत –
ग्रामीण व शहरी इलाकों में आयोजित किए गए महंगाई राहत शिविरों में पंजीयन करने के लिए लोग उमड़ रहे हैं। सस्ता सिलेंडर मिलने से अब रसोई में घरेलू गैस से खाना बनाने वालों की संख्या में वृद्धि हुई है।
रसोई का बजट सुधर गया
फलोदी जिले के नौसर की शोभादेवी साद ने बताया कि राज्य सरकार के महंगाई राहत शिविर में पंजीयन करवाने के बाद गैस सिलेंडर की कीमत महज आधी रह गई है। भोपालगढ़ के जलजोग चौराहा निवासी ममता का कहना है कि उज्ज्वला योजना में मिलने वाले गैस सिलेंडर पर अब राज्य सरकार की ओर से दी जा रही 417 रुपए की सब्सिडी उनके खाते में आने लगी है। भोपालगढ़ सालग नगर निवासी आशा देवड़ा का कहना है कि मात्र 500 रुपए में गैस सिलेंडर मिलने से उनकी रसोई व परिवार का बजट ही सुधर गया है। इस योजना से राज्य सरकार ने हमें अच्छी राहत दी है।