
जयपुर। यूके सेना की प्रथम बटालियन रॉयल एंग्लिकन रेजिमेंट बुधवार सुबह जयपुर पहुंचे। बटालियन में 100 से अधिक सैन्यकर्मी और अधिकारी थे। जहां उनका भारतीय सैन्य अधिकारियों ने स्वागत किया। यहां से वे सीधे बीकानेर जिले में स्थित महाजन फील्ड फायरिंग रेंज के लिए रवाना हो गए। यहां भारत और यूके की सेना के बीच संयुक्त सैन्य युद्धाभ्यास एक्सरसाइज अजेय वारियर 2017 शुरू होगा। यह युद्धाभ्यास 1 दिसंबर से 14 दिसंबर तक चलेगा।
दोनों देशों का तीसरा संयुक्त युद्धाभ्यास
यह युद्ध अभ्यास दोनों देशों के बीच में तीसरा संयुक्त युद्ध अभ्यास होगा। दोनों देशों के बीच में सैन्य सहयोग का पुराना इतिहास रहा है इस श्रृंखला का प्रथम अभ्यास वर्ष 2013 में बेलगाम में एवं दूसरा युद्ध अभ्यास वर्ष 2015 में यूके में आयोजित किया गया था।
20 राजपूताना राइफल्स लेगी हिस्सा
इस वर्ष भारतीय सेना की इकाई 20 राजपूताना राइफल्स और यूके सेना की प्रथम बटालियन रॉयल एंग्लिकन रेजिमेंट इसमें हिस्सा लेंगे। दोनों देशों से करीब 120 सैन्य कर्मी इस युद्धाभ्यास में शामिल होंगे। दोनों सेनाएं एक दूसरे के अनुभव से भी सीखेंगे और अपने अनुभव साझा करेंगे।
साझा करेंगे अनुभव
इस युद्ध अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी सहयोग एवं समन्वय को बढ़ाना है। दोनों सेनाएं एक दूसरे के अनुभव से भी सीखेंगे और अपने अनुभव साझा करेंगे। यहां 20 राजपूताना राइफल्स को काउंटर टेररिज्म के क्षेत्र में ऑपरेशन पवन एवं जम्मू-कश्मीर में सैनिक गतिविधि का व्यापक अनुभव है। वही यूके की प्रथम बटालियन रॉयल एंग्लिकन रेजिमेंट को अफगानिस्तान एवं इराक में अपना युद्ध कौशल दिखाने का वर्षों का अनुभव है।
तैयारियां हुई पूरी
राजस्थान रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष ओझा ने बताया कि दोनों सेनाओं की इकाइयों ने इस युद्ध अभ्यास के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। जिससे वह एक दूसरे को बेहतर समझ सकें और एक दूसरे के अनुभवों का फायदा उठा सकें। इस युद्धाभ्यास से आतंक के खिलाफ दोनों देश स्वयं को और अधिक सक्षम बनाएंगे।
Published on:
29 Nov 2017 03:58 pm
