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पंचायतों की मिसाल: गांवों की बदली तस्वीर, सरपंच बने विकास के सूत्रधार

Rajasthan News: जोधपुर जिले की खांगटा ग्राम पंचायत ने जहां अपने नवाचारों से राष्ट्रीय पहचान बनाई, वहीं अजमेर जिले की गगवाना ग्राम पंचायत बेहतर कामकाज के कारण पूरे प्रदेश में चर्चित हो गई।

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फोटो: पत्रिका

Yashasvi Sarpanch: राजस्थान में गांवों की तस्वीर बदल रही है। राजस्थान पत्रिका के सहयोग से अल्ट्राटेक सीमेंट की पहल 'यशस्वी सरपंच' से प्रेरणा लेकर कई पंचायतों ने साबित कर दिया कि यदि नेतृत्व ईमानदार और दूरदर्शी हो, तो विकास आंकड़ों से निकलकर हकीकत बन जाता है।

जोधपुर जिले की खांगटा ग्राम पंचायत ने जहां अपने नवाचारों से राष्ट्रीय पहचान बनाई, वहीं अजमेर जिले की गगवाना ग्राम पंचायत बेहतर कामकाज के कारण पूरे प्रदेश में चर्चित हो गई। चूरू जिले की गोपालपुरा पंचायत ने बरसाती पानी के संरक्षण और हरियाली से गांव को मॉडल बना दिया। वहीं सीकर की सिरोही ग्राम पंचायत ने सफाई, पानी और सड़क जैसी मूलभूत समस्याओं को लगभग खत्म कर दिया है। यहां कहीं ई-लाइब्रेरी से ज्ञान की रोशनी फैली, तो कहीं महिलाओं को स्वरोजगार से आत्मनिर्भर बनाया गया। कहीं रक्षाबंधन पर पेड़ों को राखी बांधकर पर्यावरण संदेश दिया गया, तो कहीं डिजिटल पंचायत की मिसाल कायम हुई। अब ये पंचायतें सिर्फ प्रशासनिक इकाइयां नहीं, बल्कि नवाचार, जनभागीदारी और सामुदायिक गर्व की जीवंत कहानियां बन चुकी है।

जोधपुर जिले की खांगटा ग्राम पंचायत के हाथीराम जाखड़ ने बताया कि यशस्वी सरपंच का पुरस्कार मिलने के बाद सामाजिक बदलाव को नई दिशा मिली है। मॉडल गांव के रूप में विकास हो रहा है। आवासीय पट्टे जारी किए गए। सीसी सड़कों का निर्माण भी कराया। गोविंद सिंह जोधा ने कहा, यशस्वी सरपंच की पहल से युवा सरपंचों की कार्यकुशलता में बढ़ोतरी हुई है।

चूरू जिले की गोपालपुरा ग्राम पंचायत के आचुड़ी बुलाराम मेघवाल ने कहा, गांव में हरियाली विकसित होने से गांव में बाहर से लोग भी आने लगे हैं। सम्मानित किए जाने और गांव में सुविधाओं का विकास होने से इसकी प्रदेश में पहचान बन गई है। गांव में हुए नवाचार और विकास के कारण गोपालपुरा सुन्दर बन गया है। राज्य स्तर पर सम्मानित होने से सरपंच और ग्राम पंचायत के प्रति विश्वास और भी अटूट हो गया है। दीपचंद लालचंद गिलड़ा ने कहा, गांव को प्रोत्साहन मिलने से अब विकास कार्य के साथ साथ अतिक्रमण हटाने, स्वच्छता तथा सामाजिक सुधार के प्रति ग्रामवासियों की रुची बढ़ी है।

सीकर जिले की सिरोही ग्राम पंचायत के महेंद्र गेनण ने कहा, सिरोही पंचायत ने स्वच्छता और विकास कार्यों में जो मिसाल कायम की है, उसने पूरे क्षेत्र को प्रेरणा दी है। आमीन कुरैशी ने कहा, यशस्वी सरपंच पुरस्कार के बाद सरपंच के नेतृत्व में गांव का स्वरूप ही बदल गया है। पहले गलियों में कीचड़ और गंदगी रहती थी, लेकिन अब पक्की सड़कें और नालियां बनने से हमें काफी राहत मिली है। अजमेर जिले की गगवाना ग्राम पंचायत के जगदीश यादव ने कहा, सरपंच ने बिना भेदभाव के कार्य करवाए है। उनके काम को देखते हुए ही राज्य स्तर का अवार्ड मिला है।