
'पोषण अभियान' के तहत सरकार ने जारी की 'आॅपरेशनल गाइड लाइन'
सीडीपीओ पर होगा बदलाव का जिम्मा
परियोजना अधिकारियों को सौंपी पालना कराने की जिम्मेदारी
जयपुर
प्रदेश में चलाए जा रहे 'पोषण अभियान' के तहत केंद्रीय महिला एवं बाल विकास विभाग ने 'आॅपरेशनल गाइड लाइन' जारी की है। इस गाइड लाइन के अनुसार सभी 33 जिलों के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इन अधिकारियों को इसी गाइड लाइन की पालना करते हुए पोषण अभियान का क्रियान्वयन करना होगा।
विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार की आॅपरेशनल गाइड लाइन के अनुसार इन अधिकारियों को समय—समय पर अपने क्षेत्रों में पोषण अभियान के तहत होने वाले कार्यो की मॉनिटरिंग करना होगी। इस दौरान होने वाले सभी प्रशिक्षण, कार्यशाला, शिविर आदि पर होने वाले खर्चो का ब्यौरा एक रिपोर्ट के रुप में तैयार करना होगा। इसके अलावा केंद्र पर नहीं आने वाले बच्चों की भी नियमित रुप से जांच करना होगी। ताकि वे किसी भी तरह की स्वास्थ्य जांच से वंचित ना हो।
जिला परिषद ने बनाई आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए स्ट्रेटजी—
प्रदेश में चलाए जा रहे विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों की खस्ता हालत जल्द ही सुधरेगी। इसी के साथ इन केंद्रों से 'पोषण अभियान' का बेहतर संचालन भी किया जाएगा। इसके लिए एक स्ट्रेटजी बनाई गई है। जिस पर सीडीपीओ फोकस करेंगे। इस संबंध में कल जयपुर जिला परिषद में बैठक हुई। परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आलोक रंजन ने जिले के बाल विकास परियोजना अधिकारियों को इसकी पालना के निर्देश दिए है।
पोषण अभियान में मुख्य भूमिका निभाने वाले सीडीपीओं के साथ आदर्श आंगनबाड़ी केन्द्रों में निर्धारित मानदंडों की पालना, नवीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को क्रियाशील बनाने व प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की प्रगति की समीक्षा के साथ ही भवन मरम्मत एवं सुदृडीकरण और भवन निर्माण के संबंध में भी चर्चा की गई। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की उप निदेशक जयश्री ठागरिया ने विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति का विवरण प्रस्तुत किया।
Published on:
11 Jul 2018 12:21 pm
