
विद्यार्थी की अंकतालिका पर लिखा आएगा- मैंने समाज के लिए कितना काम किया?
जयपुर. प्रदेशभर के सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों में 'आनंदम' की अवधारणा लागू होगी। इसके तहत विद्यार्थी की अंकतालिका में यह लिखा आएगा कि उसने समाज के लिए कितना काम किया। इसके लिए उसे ग्रेड दी जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से सभी विश्वविद्यालयों के बोर्ड ऑफ स्टडी (बीओएस) को नए सत्र से इसे लागू करने और इस संबंध में पाठ्यक्रम बनाने के निर्देश दे दिए गए हैं। विभाग इसके लिए मार्गदर्शिका भी बनवा रहा है।
ये करना होगा
विद्यार्थियों को इसके प्रति सेमेस्टर आनंदम के तहत दो क्रेडिट दिए जाएंगे। इसके तहत विद्यार्थी को सामाजिक कार्य करने होंगे और उनका प्रोजेक्ट बनाना होगा। मसलन, विद्यार्थी अपने कॉलेज के आसपास के गांव में महिला सशक्तीकरण जागरुकता के लिए कैंप लगा सकते हैं। गांव के बच्चों, बुजुर्गों को कम्प्यूटर सिखा सकेंगे। या फिर रक्तदान, ट्रैफिक या स्वास्थ्य संबंधी जागरुकता शिविर लगा सकेंगे। जिसकी एक रिपोर्ट भी तैयार करनी होगी। इस तरह के एक साल में दो प्रोजेक्ट करने होंगे। शिक्षक मार्गदर्शक के तौर पर उनके साथ रहेंगे। कक्षा में इसके लिए आधा घंटे का समय लिया जाएगा। विद्यार्थी को रोजाना अपने अच्छे काम के बारे में डायरी में लिखना होगा।
बनेगा विशेष सॉफ्टवेयर
विद्यार्थी के प्रदर्शन की जांच के लिए विशेष सॉफ्टवेयर बनाया जाएगा। जिसमें उनके द्वारा किए गए कार्य डाले जाएंगे। फील्ड प्रोजेक्ट की रिपोर्ट के आधार पर विद्यार्थी को ए, बी और सी ग्रेड मिलेगी। अच्छा प्रदर्शन करने वाले कॉलेजों को अवॉर्ड भी दिया जाएगा। विभाग आनंदम पर अप्रैल में एक बड़ा आयोजन करने की भी प्लानिंग कर रहा है।
महात्मा गांधी के विचार से प्रेरित होकर यह अभिनव पहल की गई है। विश्वविद्यालयों से सैद्धांतिक सहमति मिल गई है। अगले सत्र से इसे लागू करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
शुचि शर्मा, सचिव, उच्च व तकनीकी शिक्षा
Published on:
17 Feb 2020 09:20 pm
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