
राजस्थान विश्वविद्यालय : एंट्री गेट पर वाहनों का जमावड़ा और बैनर-होर्डिंग से अटा कैंपस
राजस्थान विश्वविद्यालय में चुनावी माहौल ने आम छात्रों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। विश्वविद्यालय परिसर चुनावी रंग में रंंग चुका है। मुख्य द्वार पर वाहनों की कतार है तो अंदर कैम्पस बदरंग हो गया है। छात्रनेताओं ने प्रचार के लिए कैम्पस में जगह-जगह पोस्टर और बैनर लगाए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इन छात्रनेताओं को नोटिस दिए जा रहे हैं, लेकिन इनका असर भी नजर नहीं आ रहा।
विद्यार्थियों की बढ़ी परेशानी
गौरतलब है कि विश्वविद्यालय में एक जुलाई से शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो गई है। ऐसे में विश्वविद्यालय में छात्रों और अभिभावकों को आना-जाना लगा हुआ है। इस माहौल में सबसे अधिक परेशानी उन्हें ही हो रही है।
खाली नहीं हुए कार्यालय
डीएसडब्ल्यू की ओर से छात्रसंघ कार्यालयों को खाली कराने के लिए नोटिस जारी किया गया था, लेकिन अभी तक कार्यालय खाली नहीं कराए गए हैं। छात्रसंघ पदाधिकारियों की बैठक में भी केवल एक ही पदाधिकारी ने कार्यालय की चाबी सौंपी थी। अध्यक्ष से लेकर महासचिव ने कार्यालय खाली नहीं किए।
पोस्टर्स से खराब हो रहे साइन बोर्ड
छात्रनेताओं के पोस्टर लगाने के लिए विश्वविद्यालय ने कैंपस में कई जगह बोर्ड लगाकर जगह दे रखी है। इसके बावजूद विवि में मुख्य गेट, रास्ते के अलावा प्रशासनिक भवन, लाइब्रेरी, छात्र सूचना केंद्र और विभिन्न विभाग कोई हिस्सा पोस्टर्स से अछूता नहीं है। छात्रनेता पोस्टर चिपकाने के लिए विशेष प्रकार के कैमिकल का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन पोस्टर्स को साइन बोर्ड से हटाया जाएगा तो बोर्ड भी खराब हो जाएंगे। इससे विवि को वित्तीय हानि होगी।
लिंगदोह के नियम करें लागू
गौरतलब है कि कैम्पस में पोस्टर्स छात्रनेताओं की ओर से हर साल लगाए जाते हैं। विवि प्रशासन कभी नोटिस देकर तो कभी एफआईआर दर्ज कराकर इतिश्री कर लेता है। जबकि लिंगदोह के नियम के अनुसार प्रिंट की हुई सामग्री के उपयोग से भी छात्रनेताओं को चुनाव लड़ने से अयोग्य किया जा सकता है।
इनका कहना है
कैंपस में अनुशासनहीनता करने वाले छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। गेट से वाहन हटवाए जाएंगे। इसके अलावा कार्यालय खाली कराए जा रहे हैं। तीन दिन में कार्रवाई होगी।
एचएस पलसानिया, चीफ प्रोक्टर,
राजस्थान विवि
Published on:
15 Jul 2023 12:53 am
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