
Uranium Found In Rajasthan : सीकर के बाद अब झुंझुनूं जिले के गांव जहाज, मणकसास व मावता के मैदानी क्षेत्र व काटली नदी के बहाव क्षेत्र में यूरेनियम के भंडार मिलने के मजबूत संकेत मिले हैं। इसके बाद भारतीय परमाणु ऊर्जा विभाग ने यूरेनियम का जमीनी स्तर का सर्वे फिर शुरू कर दिया है। वर्ष 2008 में सीकर जिले के नीमकाथाना, खंडेला, झुंझुनूं के उदयपुरवाटी उपखंड के मनसा माता, जहाज,मावता, पचलंगी, मणकसास सहित अन्य दर्जनों गांव के पहाड़ों में हेलीकॉप्टर के माध्यम से हवाई सर्वे हुआ था।
2015 में भू सर्वेक्षण विभाग ने मशीनों से उदयपुरवाटी के काटली नदी के बहाव क्षेत्र व मैदानी भाग में सर्वे किया। वहीं 2017 में फिर से हवाई सर्वे हुआ। भू सर्वेक्षण विभाग को सर्वे के दौरान जहां यूरेनियम के बड़े भंडार मिलने के संकेत मिले। अब भारतीय परमाणु ऊर्जा विभाग के निर्देशन में फरवरी माह 2023 से निजी कम्पनियां मशीनों के माध्यम से जमीनी सर्वे का कार्य कर रही है। खुदाई के कार्य में लगे कमल, नंदन व महेश निवासी उत्तराखण्ड ने बताया कि एक पॉइंट पर ढाई सौ से 350 फीट की खुदाई की जा रही है।
ऐसे पहुंचते हैं नमूने प्रयोगशाला में
भारतीय परमाणु ऊर्जा विभाग की ओर से चिन्हित स्थानों पर मशीनों से खुदाई कर नमूने लिए जाते हैं। नमूने को भारतीय परमाणु ऊर्जा विभाग के अधिकारी मशीन से संग्रह करते हैं। वहां से विभाग की हैदराबाद की प्रयोगशाला में नमूने जाते हैं। वहां नमूनों की जांच की जाती है। उसी के आधार पर यह आकलन किया जाता है कि यहां यूरेनियम की कितनी मात्रा है।
इनका कहना है
भारतीय परमाणु ऊर्जा विभाग की ओर से मशीनों से खोज की जा रही है नमूने विभाग की हैदराबाद स्थित प्रयोग शाल में भेजे जा रहे है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर ही यूरेनियम की मात्रा का सही आकड़ा सामने आएगा।
राकेश रॉय, सहायक वैज्ञानिक, भारतीय परमाणु ऊर्जा विभाग।
Published on:
17 May 2023 05:54 pm
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