
रूस और चीन के बाद अब अमरीका ने किया हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण
वॉशिंगटन. अमरीका की वायुसेना ने पहली बार आधुनिक ब्रह्मास्त्र कही जाने वाली हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। इससे पहले भी अमरीका ने कई बार हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण किया था, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई थी। हवा से दागे जाने वाले इस रैपिड रिस्पॉन्स वेपन (एआरआरडब्ल्यू) का बी-52 बॉम्बर की मदद से कैलिफोर्निया के तट पर परीक्षण किया गया। बताया जा रहा है कि एजीएम-183ए नाम की मिसाइल ने टेस्ट के दौरान 5 मैक से ज्यादा की हाइपरसोनिक स्पीड हासिल की। अमरीकी एयरफोर्स का दावा है कि परीक्षण के दौरान मिसाइल ने सभी लक्ष्यों को हासिल किया।
एजीएम-183ए बूस्ट ग्लाइड मिसाइल है, जो बूस्टर रॉकेट की मदद से बारूद के गोले को हाइपरसोनिक स्पीड देती है। एक ग्लाइड वाहन इसके बाद बूस्टर से अलग हो जाता है और अपने लक्ष्य की ओर हाइपरसोनिक स्पीड से बढ़ता है। पहली बार हाइपरसोनिक मिसाइल के पूरे सिस्टम का सफल परीक्षण किया गया है। इससे पहले के परीक्षण में बूस्टर रॉकेट पर फोकस किया गया था।
कोई तोड़ नहीं
चीन और रूस लगातार कई घातक हाइपरसोनिक मिसाइलों का परीक्षण कर चुके हैं। इसलिए पेंटागन भी तैयारियों में जुटा था। हाइपरसोनिक मिसाइलों का तोड़ फिलहाल किसी देश के पास नहीं है। इन मिसाइलों को पकड़ पाना और इन्हें नष्ट करना लगभग असंभव है।
यूक्रेन युद्ध में रूस ने किया इस्तेमाल
यूक्रेन युद्ध में रूस अपनी हाइपरसोनिक मिसाइल किंझल का इस्तेमाल कर चुका है। ऐसा संभवत: पहली बार हुआ, जब किसी युद्ध में हाइपरसोनिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। पिछले साल चीन की एक हाइपरसोनिक मिसाइल ने अपने लक्ष्य पर हमला करने से पहले पूरी दुनिया का चक्कर लगाया था।
Published on:
13 Dec 2022 11:37 pm
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