19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मई-जून में जयपुर से वंदे भारत एक्सप्रेस, राजस्थान के लिए डिजाइन में परिवर्तन

Vande Bharat Express in May from jaipur : देश में 180 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड वाली चर्चित वंदे भारत ट्रेन अब जल्दी ही राजस्थान से शुरू होगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अपने जयपुर में भी वंदे भारत आनी चाहिए। इसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। अप्रेल और मई में यह शुरू हो जाएगी।

2 min read
Google source verification
11022023jpr44.jpg

देश में 180 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड वाली चर्चित वंदे भारत ट्रेन अब जल्दी ही राजस्थान से शुरू होगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अपने जयपुर में भी वंदे भारत आनी चाहिए। इसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। अप्रेल और मई में यह शुरू हो जाएगी। अन्य राज्यों से यहां देरी होना का तकनीकी कारण है। यहां डिजाइन में परिवर्तन करना पड़ रहा है। क्योंकि यहां विद्युत तार देशभर में जितने ऊंचे होते हैं, उससे ज्यादा ऊपर हैं। यहां से पोर्ट में माल जाने के कारण डबल कंटेनर के हिसाब से व्यवस्था है। अब नई ट्रेन में इस हिसाब से परिवर्तन हो चुका है। डिजाइन कम्पलीट हो चुकी है, पटरी में टेस्टिंग हो चुकी है।

वैष्णव ने शनिवार शाम जयपुर के निकट धानक्या में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 55वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति व्याख्यान में यह जानकारी दी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति समारोह समिति के तत्वावधान में आयोजित व्याख्यान में वैष्णव मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता थे। भारत के आधारभूत संरचनात्मक विकास में रेलवे का योगदान विषय पर उन्होंने बकायदा पावर पाइंट प्रजंटेशन से रेलवे के मौजूदा परिवर्तनों और भविष्य की तस्वीर बताई। विश्व स्तरीय बुलेट ट्रेन प्रोजक्ट में तेजी से चल रहे काम के वीडियो और काम की बारीकियां तक ग्रामीणों से साझा की। साथ ही अपना रिपोर्ट कार्ड तक रखा। इस समय देश में 1275 स्टेशन पर काम हो रहा है। 134 में डिजाइन कम्पलीट है। 50 में काम शुरू हो चुका है।


जयपुर का विश्व स्तरीय स्टेशन प्रारम्भिक काम पूरा

वैष्णव ने कहा कि जयपुर में अपनी विरासत संस्कृति को प्राधान्य देना है। प्रिधानमंत्री ने कहा है कि वरासत भी विकास भी। जयपुर का डिजाइन भी उसी को ध्यान में रखकर बनाया है। 717 करोड़, टेंडर हो गया है, 18 अक्टूबर 2022 को टेंडर निकल चुका है। प्रारम्भिक काम हो चुका हो। उन्होंने प्रस्तावित स्वरूप की खासियत बताई, रूफ पलाजा के लाभ बताए। यह भी कहा कि जयपुर आए और घेवर नहीं खाया तो क्या खाया? यह प्रोडक्ट भी रूफ प्लाजा पर होंगे। यह प्रधानमंत्री का विजन है वन स्टेशन वन प्रोडक्ट। अब जल्दी ही जयपुर का मुख्य काम शुरू होगा। प्रधानमंत्री इसे शुरू करेंगे। जयपुर के साथ ही कोटा में भी ऐसा ही स्टेशन बनेगा।


...हम तो मिट्टी की संतान
वैष्णव ने रेलवे की विकास यात्रा के साथ बीच-बीच में राजनीतिक निशाने भी साधे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जमीन से जुड़े हुए हैं। उन्होंने जिंदगी में अभाव देखा है, उन्होंने संघर्ष देखा है। एक वैसे नेता अलग हैं, उन्हें ही नहीं उनके नानाजी को भारत की डिस्कवरी करनी पड़ी। चलो पैदल चलो भारत दिखेगा। भारत को समझने के लिए पैदल चलना पड़ा। जबकि हम तो उन्हीं गांवों में उसी मिट्टी से बने लोग हैं। हम उसी मिट्टी की संतान है, जो भारत में रहती हैं। हमको जमीन की सच्चाई पता है। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ऐसे स्टेशन का निर्माण हो जो जमीनी सच्चाई से जुड़ा हो। 60-70 साल तक जिन्हें जिम्मेदारी दी वह परिवार और उसके बाहर नहीं सोचते। आज राष्ट्र प्रथम सदैव प्रथम। बाद में मीडिया से कहा कि पिछली केंद्र सरकार ने राजस्थान को जो बजट दिया वह ऊंट के मुंह में जीरा था। जबकि नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनते ही बजट पहले दोगुना किया, फिर तिगुना और इस बार राजस्थान को 2583 करोड़ रुपए का बजट दिया गया।