
jaipur temples
बह्मा के वरदान से उन्मत. अभिमानी हुए हिरण्याकक्षप ने माता पृथ्वी को समुद्र की गहराइयों में ले जाकर छिपा दिया। देवताओं की प्रार्थना पर नारायण ने वराह का स्वरूप धारण कर पृथ्वी को अपने थूथुन पर धारण किया।
वराह भगवान का इस स्वरूप को देखते हुए सैकड़ों श्रद्धालुओं की आंखें नमन की मुद्रा में झुक गई। यह दृश्य शहर के ताड़केश्वर महादेव मंदिर में नृसिंह जयंती के दूसरे दिन वराह अवतार की लीला में साकार हुआ। इस मौके पर मंदिर के बाहर चारों ओर श्रद्धा का जनसैलाब उमड़ा पड़ा।
ब्रह्मपुरी के जागेश्वर महादेव मंदिर में भी वराह लीला का आयोजन
वराह भगवान के जयघोषों से आसपास का वातावरण भक्ति के रंग में रंगा नजर आया। ब्रह्मपुरी के जागेश्वर महादेव मंदिर में भी वराह लीला का आयोजन हुआ। लीला देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी।
Published on:
11 May 2017 03:27 pm
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