
जल स्वावलंबन अभियान बंद नहीं होता तो हालात नहीं बिगड़ते-वसुंधरा राजे
जयपुर।
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने प्रदेश में हो रही लगातार बारिश से हुए नुक़सान का आकलन कर लोगों को मुआवज़ा देने की मांग की है। राजे ने कहा कि सरकार यदि मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान को बंद न करती तो इतने ख़राब हालत न होते। उससे पानी का संचय तो होता ही। साथ ही नुक़सान से भी बचाव होता। सरकार को इस अभियान को फिर से चालू करना चाहिये।
उन्होंने कहा है कि भारी वर्षा से पूरे प्रदेश में फ़सलों को तो नुक़सान हुआ ही है। कई लोगों की जान भी गई है। लोगों का पशुधन नष्ट हुआ है और मकान ढहें हैं। हाड़ौती में खरीपफ की अस्सी फ़ीसदी फ़सल बर्बाद हो गई है। वहां सोयाबीन, उड़द और चावल की फ़सले चौपट हुई है। इसके अलावा प्रदेशभर में मक्का, ज्वार, तिल, ज़ीरा, मूंग, मूंगफली जैसी फ़सल भी पूरी तरह भारी बरसात की भेंट चढ़ गई है। राज्य सरकार इस नुक़सान का सर्वे करवाकर प्रभावित लोगों को शीघ्र सहायता राशि दिलवाए।
सड़कों की मरम्मत करवाई जाए
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा है कि अधिकांश खेत जलमग्न हो गए हैं, आवागमन अवरुद्ध हो गया है। ऐसे में सरकार जहां सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, वहां सड़कों को भी शीघ्र ठीक करवाकर आवागमन सुचारू करे।
Published on:
06 Aug 2021 08:04 pm
