
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बाद अब राजस्थान में भी नए मुख्यमंत्री के चयन ने सभी को चौंका दिया है। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के 'पर्ची' सिस्टम से लेकर तीसरी-चौताहिअ पंक्ति के नेताओं को राज्य की बागडोर थमाने की चर्चाएं ना सिर्फ राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया तक ही सिमित हैं, बल्कि घर-घर, दफ्तर-दफ्तर और यहां तक की हर गली-नुक्कड़ तक में हो रही हैं। इन्हीं सब के बीच एक चर्चा इन तीनों चुनावी राज्यों के पूर्व मुख्यमंत्रियों के भविष्य को लेकर भी होने लगी है।
सबसे ज़्यादा चर्चा में 'VRS'
राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का 'V', छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम रमन सिंह का 'V' और मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज शर्मा का 'S' से मिलाकर 'VRS' शब्द चर्चा में है। सवाल हर किसी के ज़हन में यही चल रहा है कि क्या राज्यों में नए चेहरों को दी गई मुख्यमंत्री की ज़िम्मेदारी, इन इन तीनों नेताओं के राजनीतिक करियर के आखिरी पड़ाव यानी संभावित VRS का संकेत है?
प्रबल संभावितों में रहे तीनों पूर्व सीएम
तीनों राज्यों के पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, रमन सिंह और शिवराज सिंह चौहान आखिरी समय तक मुख्यमंत्री पद पर प्रबल दावेदारों में से रहे। लेकिन तीनों के नाम को ही शीर्ष नेतृत्व ने साइड लाइन करके नए चेहरे को मौक़ा दिया। राजस्थान में तो वसुंधरा के तीसरी बार सीएम बनाये जाने की अटकलें और चर्चाएं अंतिम समय तक जारी रहीं थीं।
सोशल मीडिया पर बन रहे मीम्स
तीनों राज्यों के पूर्व मुख्यमंत्रियों वसुंधरा, रमन, शिवराज को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तरह-तरह के मीम्स वायरल हो रहे हैं। इनमें इन नेताओं के भविष्य को लेकर कहीं चुटकियां ली जा रही हैं तो कहीं चर्चाएं और अटकलें लगाई जा रही हैं।
क्या मिलेगी और बड़ी ज़िम्मेदारी?
तीनों राज्यों के पूर्व मुख्यमंत्रियों को इस बार पुनः मुख्यमंत्री बनने का मौक़ा नहीं देने के बाद अटकलों और कयास का बाज़ार गरम है। एक पक्ष जहां इन तीनों सीनियर नेताओं के भविष्य को सक्रीय राजनीति में अंत के तौर पर देख रहे हैं, तो वहीं एक पक्ष मान रहा है कि इन तीनों नेताओं को केंद्रीय मंत्रिमंडल में या केंद्रीय संगठन में कोई बड़ी ज़िम्मेदारी मिल सकती है।
Published on:
13 Dec 2023 10:55 am
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