
जयपुर। आमागढ़ कच्ची बस्ती में पहाड़ टूटने से दो जनों की मौत और 7 लोगों के घायल होने की घटना से एक बार फिर ये सवाल उठा है कि राज्य सरकार बार—बार कच्ची बस्तियों के पुनर्वास के दावे करती है, इसके बावजूद अब तक कच्ची बस्तियों का पुनर्वास क्यों नहीं हो पाया। जबकि 2011 में ही शहर में छोटी—बड़ी 176 कच्ची बस्तियां चिन्हित की जा चुकी थी। सरकार 7 साल से सर्वे रिपोर्ट पर कुंडली मारे बैठी है, उसे मंजूरी नहीं दी है।