जयपुर. शुक्रवार को वट पूजन-शनिश्चरी अमावस्या के रूप में मनाई गई। इस मौके पर शनि जयंती का संयोग रहने से शनिदेव की आराधना के साथ ही महिलाओं व्रत रखकर पूजा अर्चना की। ज्योतिषविदों के मुताबिक वट वृक्ष हानिकारक गैसों को नष्ट कर वातावरण की शुद्धि में मददगार है। वट वृक्ष (बड़ वृक्ष) दीर्घायु, अक्षय सौभाग्य, निरंतर, भाग्योदय की आराधना के लिए खास है। महिलाएं सुहाग की लंबी उम्र की कामना के लिए व्रत रखकर वट वृक्ष की पूजा-अर्चना कर परिक्रमा करती हैं।
वट वृक्ष (बड़ वृक्ष) दीर्घायु, अक्षय सौभाग्य, निरंतर, भाग्योदय की आराधना के लिए खास है। महिलाएं सुहाग की लंबी उम्र की कामना के लिए व्रत रखकर वट वृक्ष की पूजा-अर्चना कर परिक्रमा करती हैं।