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राज्य सरकार के साथ मिलकर खनिजों के भंडार खोजेगी वेदांता

राज्य सरकार को राजस्व देने में सबसे आगे, हर साल 6000 करोड़ का टैक्स दिया, 3 साल में दिया भारत सरकार को 1.60 लाख करोड़ का रिकॉर्ड टैक्स

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anil agarwal

राज्य सरकार के साथ मिलकर खनिजों के भंडार खोजेगी वेदांता

जगमोहन शर्मा/जयपुर. दुनिया की छठीं सबसे बड़ी ऑयल एंड मिनरल्स एक्सप्लोरेशन कंपनी वेदांता ने राजस्थान में अब तक 1.5 लाख करोड़ से ज्यादा का निवेश किया है। अब कंपनी राजस्थान सरकार के साथ मिलकर यहां खनिजों के भंडार भी खोजेगी। जयपुर दौरे पर आए वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने राज्य सरकार के साथ खनिज, तेल व माइनिंग जैसे मुद्दों पर संवाद किया। अग्रवाल ने अपनी दोनों कंपनी हिंदुस्तान जिंक, केयर्न एनर्जी लिमिटेड और अन्य क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की।

प्र. सरकार से माइनिंग टेंडर्स को लेकर क्या चर्चा हुई?
अग्रवाल- राजस्थान सरकार माइनिंग पॉलिसी को लेकर सकारात्मक है। आने वाले तीन महीनों में करीब 10 हजार करोड़ के नए टेंडर्स जारी हो सकते हैं। अब तक यहां खनिजों का मात्र पांच फीसदी खनन हुआ है, अब भी यहां 95 फीसदी से ज्यादा खनन की संभावना है। इससे प्रदेश में पांच साल में करीब दस लाख लोगों को रोजगार मिल सकता है।

प्र. केयर्न कितना उत्पादन कर रही है और नए ब्लॉक आवंटित होने के बाद इसमें कितनी वृद्धि होगी?
अग्रवाल- बाड़मेर में जहां ओएनजीसी जैसी दिग्गज कंपनी को तेल नहीं मिला, हम वहां से देश का 30 फीसदी तेल निकाल रहे हैं। नए तेल ब्लॉक्स की बोली में हमने 41 ब्लॉक हासिल किए हैं, जिसमें 11 राजस्थान में हैं। इस क्षेत्र में कंपनी 25 हजार करोड़ का नया निवेश करने जा रही है, जिससे हजारों स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।

प्र. राज्य में खनिज अन्वेषण की क्या योजना है?
अग्रवाल- हमारी राज्य सरकार के उच्च अधिकारियों से बातचीत हुई है, हम सरकार के साथ मिलकर यहां खनिजों के भंडार का पता लगाएंगे। इसके लिए ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। आने वाले दिनों में यहां इससे संबंधित करीब 50 छोटी-बड़ी यूनिटें लग सकती हैं।

प्र. खनन कंपनियों को स्थानीय एनजीओ के विरोध का सामना करना पड़ता है, आपकी क्या राय है?
अग्रवाल- देखिए जहां गुड़ होता है, वहां मक्खियां तो आती हैं, आप बस अपना काम करते जाएं, बिना पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए। हमें भी देश में कई जगह विरोध का सामना करना पड़ा है, लेकिन हमने वहां सीएसआर के जरिए कई काम किए हैं और लोगों को रोजगार देकर जीवन स्तर सुधारा है।

प्र. सीएसआर और नंदघर के लिए क्या योजनाएं हैं
अग्रवाल- अब तक राजस्थान में 150 से ज्यादा आंगनबाडिय़ों को नंदघर बना चुके हैं, जहां टीवी, आरओ का पानी, ट्यूबवेल आदि लगाकर उसे नया रूप दिया जा रहा है। राज्य की 40 हजार आंगनबाडिय़ों का सहयोग करना चाहते हैं।

प्र. बढ़ते आयात को कैसे रोकें?
अग्रवाल- देश में कॉपर, सिल्वर, ऑयल आदि का भंडार है, लेकिन जो एक्सप्लोरेशन होना चाहिए था, वो नहीं हो पाया। इस क्षेत्र में बड़ी कंपनियों को आना होगा और घरेलू उत्पादन बढ़ाकर आयात पर निर्भरता को कम करना होगा।

प्र. चांदी के उत्पादन की स्थिति क्या है?
अग्रवाल- हिंदुस्तान जिंक चांदी उत्पादन में दुनियां में दसवें स्थान पर आ गई है। हम चाहते कि राजस्थान के ज्वैलर्स यहां से ही कच्चा माल खरीदें और ज्वैलरी बनाएं।

75 फीसदी संपत्ति दान देने की इच्छा
अनिल अग्रवाल ने अपनी 75 प्रतिशत संपत्ति समाज की भलाई के लिए देने की इच्छा जताई है। फिलहाल अग्रवाल देश के रईसों की सूची में 37वें स्थान पर हैं।


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