
जयपुर। सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने वाहनों की फिटनेस का जो मॉडल पूरे देश में लागू किया है, वह राजस्थान से ही अपनाया गया है। इसके बावजूद मंत्रालय की नई गाइड लाइन के बाद राजस्थान के फिटनेस सेंटर्स को बंद कर दिया गया है। एक अप्रेल से मंत्रालय ने ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) से ही वाहनों की फिटनेस के निर्देश दिए हैं। राजस्थान में फिटनेस सेंटर एटीएस मोड पर नहीं होने के कारण वाहनों की फिटनेस नहीं कर पा रहे हैं।
राजस्थान में सरकार ने 8 साल पहले ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर शुरू किए। इसके लिए गाइड लाइन बनाई गई। राजस्थान में इस व्यवस्था को मंत्रालय ने सराहा और अध्ययन कर इस मॉडल को पूरे देश में लागू करने की तैयारी शुरू की।
लेकिन इसमें यह शर्त भी थी कि फिटनेस सेंटर एटीएस मोड पर संचालित होंगे, जिससे कोई भी वाहन देश में कहीं भी जाकर फिटनेस करा सकेगा। इसके लिए 31 मार्च 2025 अंतिम समय सीमा भी दी। फिटनेेस सेंटर संचालकों ने एटीएस में कंवर्ट होने के लिए आवेदन भी किया, लेकिन विभाग इन आवेदनों पर कोई निर्णय नहीं ले पाया।
राजस्थान में वाहन की फिटनेस के समय 4000 रुपए ग्रीन टैक्स के लिए जाते हैं। अन्य राज्यों में यह टैक्स काफी कम है। एटीएस मोड पर जाने के बाद वाहन कहीं भी फिटनेस करा सकता है। सरकार को आशंका है कि ऐसा करने से वाहन चालक दूसरे राज्यों में फिटनेस कराएंगे, ताकि ग्रीन टैक्स को बचाया जा सके। इससे विभाग को आने वाला ग्रीन टैक्स भी कम हो जाएगा।
शाहपुरा ट्रक यूनियन अध्यक्ष मुकेश बड़बडवाल का कहना है कि आने वाले दिनों में फिटनेस सेंटर कैसे शुरू किए जाएंगे, अगर नहीं होंगे तो फिर आरटीओ-डीटीओ ऑफिस में व्यवस्था होगी या नहीं। इस संबंध में किसी भी तरह का निर्णय विभाग की ओर से नहीं लिया गया है। जबकि दूसरे राज्यों में मंत्रालय की नई गाइड लाइन का असर पड़ा है। वहां विभागों ने अपने स्तर पर समाधान निकाल कर फिटनेस सेंटर शुरू कर दिए।
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Published on:
07 Apr 2025 08:59 am
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