18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पड़ोसी जिलों के वाहन चोर गिरोह ने मचा रखी है धमाचौकड़ी

कमिश्नरेट ने वाहन चोरी के बढ़ते मामलों के पीछे पड़ोसी जिलों के चोर गिरोह को मुख्य वजह माना है।

2 min read
Google source verification
Jaipur News

पड़ोसी जिलों के वाहन चोर गिरोह ने मचा रखी है धमाचौकड़ी

जयपुर. कमिश्नरेट क्षेत्र में पड़ोसी जिलों के वाहन चोर गिरोह ने धमाचौकड़ी मचा रखी है। राजधानी में रोज औसतन बीस वाहन चोरी हो रहे हैं वहीं मई में ही चोर कमिश्नरेट क्षेत्र से 570 वाहन चुरा ले गए और कमिश्नरेट ने वाहन चोरी के बढ़ते मामलों के पीछे पड़ोसी जिलों के चोर गिरोह को मुख्य वजह माना है और वाहन चोरों की धरपकड़ के लिए कमिश्नरेट ने पड़ोसी जिलों के करीब पांच हजार वाहन चोरों को चिन्हित कर अब विशेष अभियान चलाया है।

खंगाला रिकॉर्ड

कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच ने पिछले पांच साल में चालानशुदा वाहन चोरों का रिकार्ड खंगाला, जिसमें सामने आया कि राजधानी में स्थानीय चोरों की बजाए दूसरे जिलों के गिरोह ज्यादा सक्रिय हैं।

डांग इलाका कुख्यात

वाहन चोर गिरोह के मामले में डांग इलाका सबसे ज्यादा कुख्यात है और यहां के चोर गिरोह ने कमिश्नरेट क्षेत्र में जबर्दस्त पेठ बनाने के अलावा चोरी के वाहन को ठिकाने लगाने के मामले में डांग इलाके से सटे जयपुर ग्रामीण क्षेत्र के वाहन चोरों को भी अपने गिरोह में शामिल कर लिया है।

कमिश्नरेट में दी जिम्मेदारी : अभियान के तहत कमिश्नरेट के जिलों को उनके पड़ोसी जिलों के आधार पर वाहन चोरों की लोकेशन ट्रेस करने और उनके प्रतिदिन के काम पर निगाह रखने की जिम्मेदारी दी गई है और कमिश्नरेट ने 882 एेसे वाहन चोरों को भी अलग से चिन्हित किया है, जिनकी आगामी दिनों में अदालत में पेशी के लिए तरीख मुकर्रर की हुई है।

570 बीते माह उड़ाए गए वाहन
- धरपकड़ के लिए कमिश्नरेट ने चलाया अब विशेष अभियान

किस जिले में कितने वाहन चोर
जयपुर ग्रामीण 919

दौसा 592

करौली 510

सवाईमाधोपुर 452

टोंक 448

सीकर 455

भरतपुर 297

अलवर 295

अजमेर 139

झुंझुनू 120

नागौर 103

भीलवाड़ा 88

प्रफल्ुल कुमार, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने कहा कि दूसरे जिलों के वाहन चोर गिरोह सबसे ज्यादा सक्रिय हैं, जिससे वाहन चोरी के मामले बढ़े हैं। गिरोह की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया गया है।