जयपुर। प्रदेश का सबसे बड़ा सवाई मानसिंह अस्पताल एक ओर जहां मरीजों का इलाज कर रहा है। वहीं, दूसरी ओर लापरवाह कर्मचारियों के चलते खुद बीमारियां भी बांट रहा है। अस्पताल के सीवरेज का पानी सुबह शाम सड़क पर खुले में बहाया जा रहा है। एसएमएस के सामने अस्पताल मार्ग स्थित सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के सामने ही कचरे के ढेर लगे हैं। यहां थड़ी ठेले वाले खुलेआम कचरा डाल रहे हैं। स्वच्छता अभियान का जमकर मखौल उड़ाया जा रहा है। हैरत की बात तो यह है कि निगम से लेकर जनप्रतिनिधियों तक से गुहार लगाने के बाद भी समस्या जस की तस है।
डॉ. सुरेश पारीक का कहना है कि सड़क पर गंदा पानी एकत्र होने से अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों व अन्य लोगों को मुंह ढंककर चलना पड़ रहा है। गंदे पानी के जमाव से मच्छरों का आतंक सिर चढ़कर बोल रहा है। लोग मच्छरजनित बीमारियों से जूझ रहे हैं, लेकिन ना तो नगर निगम गंभीर दिख रहा है और न ही अस्पताल अधीक्षक सुध ले रहे हैं।
कमल पारीक ने बताया कि राजधानी जयपुर में नई सरकार बनने के बाद विकास को लेकर खूब दावे किए गए। शहर की सफाई के लिए दो-दो नगर निगम बने हुए हैं। इसके बाद भी कचरे के ढेर व सीवरेज का गंदा पानी सड़क पर बहता रहता है। इसकी वजह से न सिर्फ आने-जाने वाले परेशान हैं, बल्कि मरीजों के परिजन को भी दिक्कत होती है।