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गांव है ‘मौजा’, पेश हुआ तो ‘शहादत’ !

- थाने-कोर्ट की कार्यवाही में काम आने वाले उर्दू, फारसी के शब्द होते हैं समझ से परे - विश्व हिन्दी दिवस पर विशेष

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जयपुर. जरिए मुखबिर इत्तिला मिली कि बजाज नगर पुलिया के पास एक संदिग्ध खड़ा है...रोजनामचा इंद्राज के बाद हस्वहुक्म मौके पर पहुंचकर हिकमतअमली से पूछताछ की गई। दौराने जामातलाशी हथियार जब्त किया...जुर्म दफा फौजदारी में दर्ज किया। दौराने दरियाफ्त...मौजा कानोता रहवासी बताया..आम आदमी की समझ से परे जटिलता भरे ये उर्दू, फारसी के वाक्य पुलिस रोजनामचा में प्रयुक्त होने वाली भाषा का नमूना मात्र है। फर्द,तहरीर, मजमून, शहादत, फिकरा और मौजा जैसे तकरीबन तीन सौ ऐसे शब्द हैं, जो कोर्ट-थानों में जाने वाले लोगों को क्या, बल्कि नए वकीलों तक को समझ नहीं आए। लेकिन अदालत और पुलिस के दैनिक कामकाज में रोजाना काम लिए जा रहे हैं। पुलिस एफआइआर, एफआर और कोर्ट में पेश प्रगति रिपोर्ट में इन्हीं शब्दों का इस्तेमाल होता है। ये शब्द सुनने में जितने भारी-भरकम है, उनका मतलब भी बड़ा ही अजीबो गरीब है। इसका नुकसान यह होता है कि अच्छे पढ़े लिखे इंसान को भी कानूनी कार्यवाही से दो-चार होते वक्त यह पता नहीं चल पाता कि जो कागज पर जो लिखा है, उसका अर्थ क्या है।

थाने के कामकाज में आवेदन या सूचना पत्र के लिए तहरीर व जांच के लिए तफ्तीश लिखा जाता है। लापता व्यक्ति के लिए दस्तयाब व निर्जीव के लिए बरामद शब्द काम में लिया जाता है। पूछताछ के लिए दरियाफ्त शब्द लिखा जाता है। गांव के लिए मौजा शब्द व विवरण के लिए मजमून लिखा जाता है। एफआर में अदम सबूत का मतलब साक्ष्य के अभाव में और अदम वकवा या अदम वकू का अर्थ जांच के दौरान घटना प्रमाणित नहीं होना होता है। इसी तरह कोर्ट में साक्ष्य के लिए पेश होने को शहादत कहा जाता है। जबकि किसी मामले में दूसरी बार होने वाले बयान को तितंबा लिखा जाता है। इसी तरह हस्बजैल-उपरोक्तानुसार, हस्ब कायदा - नियमानुसार, मुर्तिब - तैयार करना, फिकरा - पैराग्राफ, मौतबिरान - गवाह को कहा जाता है।दो फीसदी हिन्दी फैसले

अधीनस्थ कोर्ट में करीब सारा काम हिन्दी में हो रहा है। इनमें अब उर्दू फारसी शब्दों के साथ अंग्रेजी की घालमेल हो गई है, लेकिन हाईकोर्ट की बात करें तो दो फीसदी फैसले भी हिन्दी में नहीं होते हैं। आधे से ज्यादा वकील भी कोर्ट में अपनी बात अंग्रेजी में रखते हैं। करीब सारा कागजी काम और आदेश भी अंग्रेजी में ही जारी हो रहे हैं।

कुछ उदाहरण

अदम तामील— नोटिस वापस लौट आनाअहकाम - महत्वपूर्ण

फर्दअफराद- थाने पर किसी घटना की सूचना देना

मालमसरूका- चोरी की संपत्ति

मालमगरूका - डकैती से प्राप्त संपत्ति

मसकन - वांछित अपराधी का मकान या संभावित स्थान

मिन—जानिब देरी का कारण

रोजनामचाआम- सामान्य दैनकी

रोजनामचाखास- अपराध दैनकीसहवन - भूलवश

हस्वहुक्म - मौखिक आदेश

मातहत - अधीनस्थ

फौत- मृत्यु

इस्तगासा- दावा

इमदाद -मदद

दफा -धारा

इत्तलानाम- सूचना पत्र

उज्र- अपत्ति

कलम बंद करना - बयानों को लिखित में लेना

जामातलाशाी - वस्त्रों की तलाशी

खानातलाशी - घर या निवास स्थल की तलाशी

नक्शे अमन - शांति भंग

नजूल -जिस भूमि पर किसी का अधिकार नहीं होता

मुल्तबी - स्थगित

सरीके जुर्म - सह अपराधी

हर्फ बहर्फ - अक्षरश: