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राज्य सूचना आयोग ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना नहीं देने और सुनवाई के लिए आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं होने पर प्रतापगढ़ के अतिरिक्त जिला कलक्टर पर कुल साठ हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
एडीएम पर साठ हजार का जुर्माना
अधिनियम से जुड़े तीन विभिन्न मामलों की सुनवाई के दौरान सूचना आयुक्त आशुतोष शर्मा ने यह फैसला सुनाया। अपीलार्थी रावतभाटा निवासी प्रहलाद कुमावत ने वर्ष 2014 और 2015 के दौरान यह सूचनाएं राज्य लोक सूचना अधिकारी और अतिरिक्त जिला कलक्टर, प्रतापगढ़ के यहां प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर विभिन्न सूचनाएं मांगी थी।
आईटीआई एक्ट के उल्लंघन के तीन मामलों पर सूचना आयोग का निर्णय
इनमें मुख्यमंत्री के छोटी सादड़ी प्रवास के दौरान दी गई शिकायत पर हुई कार्रवाई, कलक्टर, एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर की ओर से किए गए निरीक्षकों का ब्योरा और सूचना मांगने पर मिल रही धमकियों के बारे में की गई शिकायतों पर हुई कार्रवाई के बारे में जानकारी मांगी गई थी। लेकिन निर्धारित अवधि में ये सूचनाएं अपीलार्थी को नहीं मिल पाईं।
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आयोग ने अपने निर्णय में कहा है कि लोक सूचना अधिकारी ने सूचना देने में कोई रुचि नहीं ली। इससे जाहिर है कि वह सूचना के अधिकार के प्रति पूरी तरह संवेदनहीन है। आयोग ने फैसले की प्रति कार्मिक विभाग को भी दी है।
लिपिक की देरी पर कार्रवाई नहीं?
तीन में से दो मामलों पर आयोग के नोटिस के जबाव में लोक सूचना अधिकारी ने आयोग को बताया कि सम्बन्धित लिपिक ने देरी से यह मामला उसके समक्ष रखा। तब तक सूचना देने की अवधि निकल चुकी थी। इस पर आयोग ने कहा है कि यह अतिरिक्त जिला कलक्टर के नाते उनकी प्रशासनिक क्षमता को भी दर्शाता है। लिपिक उनके मातहत है। अपने उत्तर में कहीं भी प्रत्यर्थी ने सम्बन्धित लापरवाह लिपिकीय कर्मचारी पर कार्रवाई का भी उल्लेख नहीं किया है।
Published on:
28 May 2017 06:51 pm
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